भारत औऱ आयरलैंड के बीच ऐतिहासिक समझौता / X/@MEAIndia
भारत और आयरलैंड ने व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और लोगों के बीच संपर्क जैसे प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की है। विदेश मंत्रालय (MEA) में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने शुक्रवार को आयरलैंड के आव्रजन मंत्री (स्टेट) कॉल्म ब्रॉफी के साथ बैठक की।
MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि बैठक में दोनों मित्र देशों के बीच संबंधों को और गहरा करने के विभिन्न पहलुओं पर विचार किया गया।
आयरलैंड के न्याय, गृह मामलों और आव्रजन विभाग की ओर से गुरुवार को जारी बयान के अनुसार, कॉल्म ब्रॉफी 7 से 12 जनवरी तक भारत और इसके बाद 12–13 जनवरी को अबू धाबी के दौरे पर हैं। इस दौरान वे सरकारी प्रतिनिधियों और आयरिश मिशनों के साथ बैठकें कर द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा करेंगे।
भारत यात्रा से पहले ब्रॉफी ने कहा, “भारत और अबू धाबी की यात्रा को लेकर मैं उत्साहित हूं। यह यात्राएं अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव और प्रमुख वैश्विक साझेदारों के साथ सहयोग मजबूत करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। भारत व्यापार, शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में आयरलैंड का अहम साझेदार है।”
उन्होंने नई दिल्ली और अबू धाबी स्थित वीज़ा कार्यालयों के कर्मचारियों के कार्य की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली वीज़ा कार्यालय आयरलैंड का देश के बाहर सबसे बड़ा वीज़ा ऑपरेशन है, जो इस क्षेत्र के साथ आयरलैंड के मजबूत रिश्तों को दर्शाता है।
अपने भारत दौरे के दौरान कॉल्म ब्रॉफी आयरिश दूतावास और वीज़ा कार्यालय का दौरा करेंगे और विदेश मंत्रालय तथा गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में व्यापार और निवेश, कानूनी प्रवासन, शिक्षा सहयोग और यूरोपीय संघ स्तर पर साझा प्राथमिकताओं पर सहयोग बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
आयरलैंड सरकार के बयान में कहा गया कि भारत-आयरलैंड के बीच आर्थिक संबंध तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले एक दशक में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार बढ़कर 16 अरब यूरो से अधिक हो गया है, जिसमें लगभग 12.5 अरब यूरो की वृद्धि दर्ज की गई है। सेवाएं व्यापार का बड़ा हिस्सा हैं, लेकिन यह वृद्धि आगे और अवसरों की संभावनाओं को दर्शाती है।
बयान के अनुसार, भारत के साथ आयरलैंड की भागीदारी एन्हांस्ड एंगेजमेंट विद इंडिया एक्शन प्लान, मार्केट डायवर्सिफिकेशन एक्शन प्लान और एशिया-पैसिफिक रणनीति जैसी नीतियों के तहत संचालित होती है।
आयरलैंड ने भारत के साथ यूरोपीय संघ के नए EU-India Strategic Agenda और जनवरी 2026 के अंत में प्रस्तावित EU-India Summit का भी स्वागत किया है। साथ ही आयरलैंड ने संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी EU-India मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के जल्द निष्कर्ष का समर्थन किया है, जिसे यूरोपीय और आयरिश व्यवसायों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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