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भारत और क्यूबा ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई

भारत और क्यूबा के बीच राजनयिक संबंध वर्ष 1960 में स्थापित हुए थे। क्यूबा की क्रांति को मान्यता देने वाले शुरुआती एशियाई देशों में भारत शामिल था।

भारत और क्यूबा में अहम बैठक / IANS

भारत और क्यूबा ने आपसी सहयोग और एकजुटता के आधार पर द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की 66वीं वर्षगांठ के अवसर पर यह संकल्प व्यक्त किया गया।

भारत और क्यूबा के बीच राजनयिक संबंध वर्ष 1960 में स्थापित हुए थे। क्यूबा की क्रांति को मान्यता देने वाले शुरुआती एशियाई देशों में भारत शामिल था। शुरुआती दौर में चे ग्वेरा और फिदेल कास्त्रो की भारत यात्राओं तथा भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के साथ हुए संवादों ने दोनों देशों के रिश्तों को मजबूती दी।

पिछले वर्ष भारत-क्यूबा द्विपक्षीय संबंधों में उल्लेखनीय गति देखने को मिली। इसका प्रमुख उदाहरण ब्राजील में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल के बीच हुई मुलाकात रही।

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उच्च स्तरीय आदान-प्रदान के तहत क्यूबा के उप प्रधानमंत्री एडुआर्डो मार्टिनेज डियाज की भारत यात्रा और भारत के विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा की क्यूबा यात्रा भी हुई। इन यात्राओं के दौरान कानूनी और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।

भारत क्यूबा के फार्मास्युटिकल क्षेत्र में एक अहम साझेदार बना हुआ है। दोनों देश बायोटेक्नोलॉजी, सूचना प्रौद्योगिकी, पर्यटन, कृषि, ऊर्जा और खनन जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं तलाश रहे हैं। क्षमता निर्माण के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ा है, जिसके तहत क्यूबा के पेशेवर आईटीईसी कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य, पारंपरिक चिकित्सा और आपदा प्रबंधन में भी नए प्रयास शुरू किए गए हैं।

शैक्षणिक, सांस्कृतिक, खेल और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्रों में सहयोग ने भी वर्ष भर द्विपक्षीय संबंधों को और सशक्त किया। दोनों देशों ने विश्वास जताया कि वर्ष 2026 में यह साझेदारी और मजबूत होगी, खासकर भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता से नए अवसर सृजित होंगे।

नवंबर में ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ अर्थात सारा विश्व एक परिवार है, की भावना के तहत भारत ने तूफान मेलिसा से प्रभावित क्यूबा के लोगों के साथ एकजुटता दिखाई। भारत ने हवाना को लगभग 20 टन मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री भेजी, जिससे दोनों देशों के बीच मित्रता और मानवीय सहयोग के संबंध और प्रगाढ़ हुए।

इस सहायता में ‘भारत हेल्थ इनिशिएटिव फॉर सहयोग, हित और मैत्री’ चिकित्सा ट्रॉमा यूनिट, आवश्यक दवाइयां, बिजली जनरेटर, टेंट, बिस्तर, रसोई और स्वच्छता किट, सोलर लैंटर्न तथा अन्य जरूरी सामग्री शामिल थी।

क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो एडुआर्डो रोड्रिगेज़ पैरिल्ला ने भारत के प्रति आभार जताते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “हम तूफान मेलिसा से प्रभावित क्यूबा के पूर्वी हिस्सों के पीड़ितों के लिए भेजी गई सहायता सामग्री के लिए भारत का धन्यवाद करते हैं। भारत सरकार की इस मानवीय पहल के लिए विदेश मंत्री एस. जयशंकर का आभार।”

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