भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल / Photo courtesy Commerce Minister Goyal X handle
भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि हाल के मुक्त व्यापार समझौते, खासकर अमेरिका के साथ हुआ अंतरिम व्यापार समझौता, इस बात का संकेत हैं कि भारत वैश्विक व्यापार में किस तरह से नई और संरचनात्मक रणनीति अपना रहा है। ‘ET NOW Global Business Summit (GBS) 2026’ में मुख्य वक्तव्य देते हुए गोयल ने कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में किसानों के हितों की पूरी तरह रक्षा की गई है।
किसानों के हित सुरक्षित
मंत्री ने कहा, “जब हमने अमेरिका के साथ व्यापार समझौता किया, तो यह बिल्कुल स्पष्ट था कि हमें अपने किसानों की सुरक्षा करनी है।” उन्होंने बताया कि जिन क्षेत्रों में भारत के किसान उच्च उत्पादन करते हैं या देश आत्मनिर्भर है, उन्हें समझौते से बाहर रखा गया है। उन्होंने कहा, “हमने स्थानीय कृषि उत्पादन के 95 प्रतिशत से अधिक हिस्से की पूरी तरह सुरक्षा की है।”
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टेक्सटाइल सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा
गोयल ने कहा कि लंबे समय से यह सवाल उठता रहा है कि भारत का टेक्सटाइल क्षेत्र अपेक्षित गति से क्यों नहीं बढ़ रहा। “हम वियतनाम और बांग्लादेश जैसे देशों से भी प्रतिस्पर्धा नहीं कर पा रहे थे। लेकिन अब यूरोप में बिना शुल्क (ड्यूटी-फ्री) पहुंच और अमेरिका द्वारा रेसिप्रोकल टैरिफ को 25% से घटाकर 18% किए जाने के बाद हम वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती से उतर सकते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के साथ अंतरिम समझौते के तहत भारत को वही लाभ मिलेगा, जो बांग्लादेश को उसके समझौते से मिला था।
FTA के तीन सिद्धांत
मंत्री ने कहा कि भारत के FTA तीन मूल सिद्धांतों पर आधारित हैं- विश्वास, पारदर्शिता और समयबद्ध निश्चितता। उन्होंने European Free Trade Association (EFTA) के साथ हुए समझौते का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत अब व्यापार साझेदारी का नया प्रारूप तैयार कर रहा है। EFTA में आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड शामिल हैं।
तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य
गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ को मिशन मोड में आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा, “आज हम दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं और आने वाले कुछ वर्षों में तीसरी सबसे बड़ी वैश्विक GDP बनने की ओर बढ़ रहे हैं।”
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