गर्म या ठंडा पानी / AI
सर्दियों में अक्सर लोगों के मन में ये सवाल जरूर होता है कि अपने चेहरे को किस पानी से धोएं, गर्म या फिर ठंडे पानी से। सुबह का समय हमारी त्वचा के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। नींद के दौरान त्वचा खुद को रीचार्ज करती है और दिन की शुरुआत सही तरीके से करने से त्वचा लंबे समय तक स्वस्थ और चमकदार बनी रहती है।
आयुर्वेद और विज्ञान दोनों मानते हैं कि पानी का तापमान हमारी त्वचा के पोर्स, तेल और नमी पर सीधा असर डालता है, इसलिए सर्दियों में चेहरे को धोने का सही तरीका जानना बेहद जरूरी है।
सबसे पहले बात करते हैं गर्म पानी की। शुरुआत में यह ताजगी और आराम देने वाला लगता है, लेकिन अगर बहुत गर्म पानी का इस्तेमाल चेहरा धोने के लिए करते हैं, तो यह त्वचा के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
आयुर्वेद में बताया गया है कि बहुत गर्म पानी त्वचा की प्राकृतिक तैलीय परत को हटा देता है, जिससे त्वचा रूखी और लाल होने लगती है। विज्ञान के अनुसार, गर्म पानी त्वचा के ऊपर मौजूद नेचुरल बैरियर सेबम को खत्म कर देता है, जो त्वचा को नमी और संक्रमण से बचाता है। लगातार गर्म पानी का इस्तेमाल करने से चेहरे पर खुजली, रूखापन और कभी-कभी मुंहासे जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। इसलिए, चाहे ठंडा मौसम हो या गर्म, अत्यधिक गर्म पानी से चेहरे को धोना ठीक नहीं है।
यह भी पढ़ें- टेस्ला से ग्राहकों ने बनाई दूरी, 2025 में बिकी केवल 225 गाड़ियां
अब बात करें ठंडे पानी की, तो ठंडा पानी चेहरे को तरोताजा महसूस कराता है। आयुर्वेद के अनुसार, ठंडा पानी वात दोष को संतुलित करता है और स्किन में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाकर ताजगी देता है। यह सूजन और लालिमा को कम करने में मदद करता है और चेहरे की पोर्स को अस्थायी रूप से सिकोड़ देता है। लेकिन विज्ञान बताता है कि सिर्फ ठंडे पानी से त्वचा की गहरी सफाई पूरी तरह नहीं होती, क्योंकि ठंडा पानी तेल और गंदगी को पूरी तरह हटाने में कम असरदार होता है। लगातार ठंडे पानी का इस्तेमाल करने से त्वचा रूखी हो सकती है, इसलिए इसे मुख्य सफाई के लिए इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।
सर्दियों में सबसे अच्छा तरीका है गुनगुने पानी का इस्तेमाल। आयुर्वेद इसे संतुलित और सौम्य पानी मानता है, जो त्वचा को नुकसान पहुंचाए बिना साफ करता है। गुनगुना पानी चेहरे की गंदगी, तेल और पसीने को धीरे-धीरे हटा देता है और स्किन के नेचुरल ऑयल को बरकरार रखता है। विज्ञान के अनुसार, गुनगुना पानी पोर्स को खोलकर गंदगी और डेड स्किन को बाहर निकालता है, जिससे त्वचा नरम, ताजा और चमकदार बनती है। साथ ही, यह स्किन को ड्राई या इरिटेट होने से बचाता है।
एक और तरीका है बर्फ या आइस वाटर का। यह त्वचा को तुरंत ताज़गी देने वाला लगता है और रक्त वाहिकाओं को सिकोड़कर सूजन और लालिमा को कम करता है। आयुर्वेद के हिसाब से यह वात को शांत करता है और चेहरे को ठंडक पहुंचाता है। हालांकि, लंबे समय तक आइस वाटर का इस्तेमाल करने से त्वचा की नमी कम हो सकती है और यह रूखी बन सकती है, इसलिए बर्फ के पानी का इस्तेमाल हमेशा सावधानी के साथ करना चाहिए। वहीं, चेहरा धोने के बाद मॉइस्चराइजर लगाना चाहिए।
न्यू इंडिया अब्रॉड की अन्य खबरों को पढ़ने के लिए क्लिक करें।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login