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टेक्सास में हिंदू एकता का आयोजन, HHYC कैंपसाइट में 12 नई कक्षाओं का उद्घाटन

आयोजकों ने बताया कि इन्हीं के प्रयासों से यह कैंपसाइट परियोजना शुरू हो सकी। नई कक्षाओं के नवीनीकरण के लिए सुरिंदर और ललिता त्रेहान (शुगर लैंड) ने 1.5 लाख डॉलर की सहायता दी।

हिंदू एकता का आयोजन / image provied

ठंडी और तेज हवाओं के बावजूद शनिवार को करीब 250 लोग टेक्सास के कोलंबस स्थित हिंदू हेरिटेज यूथ कैंप (HHYC) कैंपसाइट पहुंचे। यहां हिंदू एकता और शिक्षा को समर्पित एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। BAPS श्री स्वामिनारायण मंदिर, ह्यूस्टन ने HHYC को चार ट्रेलर दान किए हैं, जिन्हें बदलकर 12 कक्षाओं के रूप में तैयार किया गया है। इन कक्षाओं का उद्घाटन रिबन काटकर किया गया।

सुभाष-सरोजिनी गुप्ता का सम्मान
कार्यक्रम में सुभाष और सरोजिनी गुप्ता को सम्मानित किया गया। आयोजकों ने बताया कि इन्हीं के प्रयासों से यह कैंपसाइट परियोजना शुरू हो सकी। नई कक्षाओं के नवीनीकरण के लिए सुरिंदर और ललिता त्रेहान (शुगर लैंड) ने 1.5 लाख डॉलर की सहायता दी।

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बच्चों की प्रस्तुतियां और विकास की जानकारी
कार्यक्रम में बच्चों ने सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किए। कैंप संचालकों ने बताया कि गर्मी 2024 में पहले शिविर के बाद से कैंपसाइट में लगातार विकास हो रहा है। सुभाष गुप्ता ने कहा, “BAPS पिछले 25 वर्षों से हिंदू हेरिटेज यूथ कैंप की मदद करता आ रहा है। कैंपसाइट के निर्माण में उनका योगदान बहुत बड़ा है।” उन्होंने BAPS के प्रतिनिधि पूज्य भक्तिवर्धनदास स्वामी और पूज्य श्वेतमुनिदास स्वामी का आभार जताया।

37 एकड़ में बना स्थायी कैंपसाइट
HHYC का यह कैंपसाइट 37 एकड़ भूमि पर फैला है। इसकी शुरुआत सुभाष और सरोजिनी गुप्ता के 20 लाख डॉलर के दान से हुई। 2019 में जमीन खरीदी गई और कई वर्षों के निर्माण व सहयोग के बाद यह 6 मिलियन डॉलर की लागत से बना कैंपसाइट 2024 में खुला। यह HHYC की 40वीं वर्षगांठ का भी वर्ष था।

 

कार्यक्रम की झलकियां। / image provided

साल भर उपयोग होने वाला केंद्र
HHYC के मुख्य शिविर गर्मियों में होते हैं, लेकिन अब यह स्थल योग और ध्यान शिविर, सांस्कृतिक समूहों के वीकेंड कैंप और नृत्य अभ्यास के लिए भी उपयोग किया जा रहा है। सुभाष गुप्ता ने कहा, “यह कैंपसाइट सभी हिंदू संगठनों के लिए खुली है। यहाँ समाज सेवा के लिए तैयार स्वयंसेवक बनते हैं।”

मकर संक्रांति पर उद्घाटन
पूज्य श्वेतमुनिदास स्वामी ने कहा कि यह कार्यक्रम मकर संक्रांति के दिन होने के कारण नए आरंभ का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “यहाँ का वातावरण बहुत शांत और पवित्र है। इस कैंप को बनाने वाले सभी लोगों को हमारी शुभकामनाएं।” अब यह भूमि तीर्थ बन गई है। पूज्य भक्तिवर्धनदास स्वामी ने कहा, “अब यह सिर्फ़ जमीन नहीं रही। यहाँ होने वाली धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के कारण यह एक तीर्थ बन चुकी है।” उन्होंने कहा कि यह कैंपसाइट हिंदू समुदाय के लिए संवाद, शिक्षा और एकता का केंद्र बनेगी।

युवाओं ने दी प्रगति रिपोर्ट
HHYC संचालन समिति के युवा सदस्यों—भारत पल्लोद, नमिता पल्लोद, शमल शाह और विवेक शुक्ला ने बताया कि नया स्विमिंग पूल पैवेलियन, कैंप सौंदर्यीकरण और गणेश प्रतिमा की स्थापना जैसे कई कार्य पूरे किए गए हैं।

 

कार्यक्रम की झलकियां / image provided

अब 400 बच्चों की क्षमता
पहले सीमित जगह और संसाधनों के कारण एक सत्र में 150–200 बच्चे ही आ पाते थे। अब अपनी स्थायी जगह, 12 नई कक्षाओं और बेहतर व्यवस्था के कारण HHYC 400 शिविरार्थियों को समायोजित कर सकेगा। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आवासीय शिविर बच्चों को अपनी संस्कृति से जोड़ते हैं और जीवनभर की मित्रता बनाते हैं।

एकजुट होने की अपील
सुभाष गुप्ता ने कहा, “आज के समय में, जब प्रवासियों के खिलाफ़ माहौल बन रहा है, सभी समुदाय नेताओं को मिलकर सोचने और एकजुट कदम उठाने की जरूरत है।”

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