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रिपब्लिकन नेता के बयान पर भड़के लोग, HAF ने इसे भारत और हिंदुओं के खिलाफ बताया

अमेरिका में गुजराती समाज के वॉलीबॉल टूर्नामेंट को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक बड़े मुद्दे में तब्दील हो गया है। रिपब्लिकन नेता ब्रैंडन गिल के इस कार्यक्रम पर विवादित बयान के बाद हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन (HAF) ने गिल पर भारत और हिंदुओं के खिलाफ नफरत फैलाने का आरोप लगाया है।

हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन (HAF) की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुहाग शुक्ला। / HAF

हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन (HAF) की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुहाग शुक्ला ने रिपब्लिकन लीडर ब्रैंडन गिल के विवादित बयान की आलोचना की है। उनपर डलास, टेक्सास में हुए गुजराती समुदाय के कार्यक्रम होने को लेकर भारत और हिंदुओं के खिलाफ भड़काऊ और घृणास्पद बातें करने का आरोप लगाया गया है। शुक्ला ने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, '@RepBrandonGill (ब्रैंडन गिल) 'जाति' शब्द का गलत इस्तेमाल और आपका ये ट्वीट, भारत और हिंदुओं के खिलाफ नफरत फैला रहा है। वास्तव में कुछ दिन पहले इसी तरह की नफरत की वजह से हिंसा भी हुई थी।' 

डलास में लेउवा पाटीदार समाज ने सम्मेलन का अयोजन किया था। ये एक वॉलीबॉल टूर्नामेंट था। शुक्ला ने अपने ट्वीट में बताया कि ये गुजरात से आए प्रवासी भारतीय का समुदाय है। इनमें से कई अमेरिका में छोटे-मोटे बिजनेस करते हैं। इस कार्यक्रम में तकरीबन 8000 लोग शामिल हुए थे। ये पाटीदार कम्युनिटी के लोगों का एक रीयूनियन था। 

शुक्ला ने गिल के इस इवेंट को लेकर दिए गए बयान का विरोध किया और जोर देकर कहा कि ये सिर्फ एक कल्चरल जुड़ाव का कार्यक्रम था। उन्होंने सवाल किया, 'अगर वेस्ट वर्जीनिया के स्कॉट-आयरिश किसान परिवार या पेंसिल्वेनिया के मेनोनाइट परिवार डलास में मिलते, तो क्या आप वही बात कहते? हमें अपने चुने हुए नेताओं से बेहतर काम करने की उम्मीद करनी चाहिए।'

डिलन पटेल सेमीएनालिसिस नाम की AI और सेमीकंडक्टर रिसर्च फर्म के फाउंडर हैं। उन्होंने इस इवेंट की एक तस्वीर शेयर की थी। पटेल ने लिखा था, 'डलास में मेरे जाति (लेउवा पाटीदार समाज) का वॉलीबॉल टूर्नामेंट देखने लायक है। यहां 8,000 लोग इकट्ठे हुए हैं। सब गुजरात के हैं और अमेरिका में एक जैसी जंदगी जीते हैं। यहां हर किसी के पास अमेरिका के गांव-देहात में मोटल या पेट्रोल पंप है।'

इस पर गिल ने बहुत तेज रिएक्शन दिया। उन्होंने ट्वीट किया, 'अमेरिका 'अवसरों की भूमि' इसलिए है क्योंकि हमारे यहां जाति व्यवस्था नहीं है। हम विदेशी वर्गीय निष्ठाओं को आयात करके अमेरिका की समृद्धि और आजादी को कायम नहीं रख सकते। बिना आत्मसात किए हुए आव्रजन राष्ट्रीय और सांस्कृतिक आत्महत्या है।'

गिल के इस आपत्तिजनक बयान से विवाद शुरू हो गया। कई लोगों ने उन पर भारत विरोधी भावना भड़काने का आरोप लगाया। पटेल, जो पहले ऑनलाइन बहस से बेफिक्र लग रहे थे, अपने थ्रेड में आगे लिखा, 'यह देखकर मजा आ रहा है कि लोग जाति व्यवस्था के बारे में बात कर रहे हैं और इसे मुट्ठी भर में बांट रहे हैं, लेकिन यह बहुत गहरा है। ऐसा नहीं है कि मुझे बहुत परवाह है, लेकिन एक बड़ा, आपसी जुड़ा हुआ समुदाय होना, जिसके साझा अनुभव हों, बहुत अच्छा है।'

जैसे-जैसे आलोचनाएं बढ़ती गईं, पटेल ने फिर जवाब दिया और नाराजगी को खारिज करते हुए लिखा, 'मुझे उन सभी अज्ञानी लोगों से प्यार है जो साझा विरासत वाले भारतीय लोगों के एक अमेरिकी खेल में टूर्नामेंट खेलने से नाराज हैं।'

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