कार्यक्रम में शामिल लोग बैकग्राउंड में लगी पेंटिंग के साथ पोज देते हुए। / Courtesy photo
वल्लभ यूथ ऑर्गेनाइजेशन-न्यू जर्सी (VYO-NJ) और उमिया धाम-न्यू जर्सी ने 30 और 31 मई को न्यू जर्सी के एडिसन शहर में इंटरनेशनल श्रीनाथजी दिव्य जीवन दर्शन स्क्रॉल पेंटिंग प्रदर्शनी का आयोजन किया। दो दिनों तक चली इस प्रदर्शनी में सैकड़ों श्रद्धालुओं, परिवारों और सामुदायिक सदस्यों ने भाग लिया। यहां 40 मीटर लंबी स्क्रॉल पेंटिंग प्रदर्शित की गई जिसमें भगवान कृष्ण के सात वर्षीय बाल स्वरूप श्रीनाथजी के जीवन की कथा चित्रित की गई थी।
आयोजकों के अनुसार, यह पहली बार था जब इस प्रकार की कलाकृति को अमेरिका में प्रदर्शित किया गया। इस कारण यह वैष्णव और व्यापक हिंदू समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आयोजन बन गया।
VYO-NJ के अध्यक्ष और उमिया धाम-न्यू जर्सी के उपाध्यक्ष मनु दधानिया ने कहा कि इस अद्भुत स्क्रॉल के माध्यम से श्रीनाथजी की दिव्य यात्रा का अनुभव करना आध्यात्मिक आशीर्वाद के समान था। इसने सभी आयु वर्ग के श्रद्धालुओं को प्रेरित किया और हमारी सांस्कृतिक विरासत तथा पवित्र परंपराओं को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के महत्व की याद दिलाई।
प्रदर्शनी में शामिल हुईं सेजल पटेल ने कहा कि यह अनुभव बेहद अद्भुत है। मैं अभी तक इसकी सुंदरता और भव्यता से बाहर नहीं आ पाई हूं। प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण भारत के सूरत से आए कलाकार दंपति मधु वेकारिया और घनश्याम वेकारिया की उपस्थिति रही।
यह दंपति पहले श्री महाप्रभुजी के जीवन पर आधारित 100 मीटर लंबी स्क्रॉल पेंटिंग बना चुका है जिसे साल 2022 में एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान मिला था। कलाकारों ने बताया कि श्रीनाथजी की इस स्क्रॉल पेंटिंग को तैयार करने में लगभग तीन साल और करीब 11,000 घंटे का समय लगा। यह कलाकृति अप्रैल 2026 में पूरी हुई थी।
घनश्याम वेकारिया ने उमिया धाम में चल रहे शैक्षणिक कार्यक्रमों में भाग लेने वाले बच्चों के ज्ञान और जिज्ञासा की भी सराहना की। VYO-NJ और उमिया धाम-न्यू जर्सी धार्मिक एवं सांस्कृतिक संगठन हैं जो आध्यात्मिक विकास, भारतीय परंपराओं के संरक्षण और सामुदायिक सेवा को बढ़ावा देने के लिए शैक्षणिक, धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करते हैं। इनका उद्देश्य लोगों को एक साथ जोड़ना और साझा सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करना है।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login