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Nextdoor के सह-संस्थापक नीरव टोलिया की CEO और अध्यक्ष के रूप में वापसी

टोलिया ने दिसंबर 2019 में Nextdoor के CEO का पद छोड़ दिया था अलबत्ता बोर्ड सीट बरकरार रखी थी। वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ समय बिताना चाहते थे। नीरव के तीन बेटे (3, 5 और 7 साल) हैं।

 नीरव टोलिया अपनी पत्नी मेघा टोलिया के साथ। मेघा टेलीविजन प्रोडक्शन कंपनी शोंडालैंड की अध्यक्ष और सीओओ हैं। नीरव टोलिया अपनी पत्नी मेघा टोलिया के साथ। मेघा टेलीविजन प्रोडक्शन कंपनी शोंडालैंड की अध्यक्ष और सीओओ हैं। / Image : X@niravtolia

नेक्स्टडोर के सह-संस्थापक नीरव टोलिया दूसरी तिमाही में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और अध्यक्ष के रूप में कंपनी में वापसी कर रहे हैं। नेक्स्टडोर नेबरहुड-नेटवर्क प्लेटफॉर्म संचालित करती है। भारतीय अमेरिकी नीरव को पहली बार 2018 में CEO नामित किया गया था। अब वह सारा फ्रायर का स्थान लेंगे।

टोलिया ने दिसंबर 2019 में Nextdoor के CEO का पद छोड़ दिया था अलबत्ता बोर्ड सीट बरकरार रखी थी। वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ समय बिताना चाहते थे। नीरव के तीन बेटे (3, 5 और 7 साल) हैं। 

CEO के रूप में नीरव ने 2010 में कंपनी की स्थापना से लेकर 2018 के अंत तक कंपनी का नेतृत्व किया। नीरव के प्रोफाइल के अनुसार उन आठ सालों के दौरान Nextdoor को यूएस, यूके, जर्मनी, फ्रांस, इटली, स्पेन, नीदरलैंड और ऑस्ट्रेलिया में लॉन्च किया गया था। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी वेबसाइट पर नीरव की प्रोफ़ाइल के अनुसार CEO के रूप में उन्होंने Nextdoor के लिए 275 मिलियन डॉलर से अधिक की उद्यम पूंजी जुटाई और कंपनी का मूल्य 1.5 बिलियन डॉलर से अधिक तक बढ़ाया।

इन्वेस्टिंग पत्रिका के अनुसार नेतृत्व परिवर्तन ऐसे समय पर हो रहा है जब कंपनी द्वारा 2023 की चौथी तिमाही के लिए जारी किए गए प्रारंभिक अनऑडिटेड वित्तीय परिणाम उपयोगकर्ताओं में वृद्धि दर्शाते हैं। डेटा से पता चलता है कि साप्ताहिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं में साल-दर-साल 5% की वृद्धि के साथ 41.8 मिलियन और पिछली तिमाही की तुलना में 3% की वृद्धि हुई है।

भारत के अप्रवासी चिकित्सकों के बेटे नीरव ओडेसा और टेक्सास में बड़े हुए। यहां उन्होंने ओडेसा पर्मियन हाई स्कूल में पढ़ाई की। ओडेसा अमेरिकन की एक रिपोर्ट के अनुसार नीरव की मां एक स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं और उनके पिता एक नेत्र रोग विशेषज्ञ। नीरव ने चिकित्सा का अध्ययन करने के लिए स्टैनफोर्ड में दाखिला लिया लेकिन अंत में बीए इंगलिश किया किंतु अपने दिल की बात मानकर बिजनेस की राह पकड़ ली। 
 

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