फोरम की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को प्रतिष्ठित व्हाइट बैज से सम्मानित किया गया। / IANS
स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की वार्षिक बैठक के दौरान झारखंड ने निवेश, औद्योगिक नवाचार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के क्षेत्र में अपनी सशक्त वैश्विक उपस्थिति दर्ज कराई है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाले राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने एक ओर जहां स्वीडन के साथ व्यापारिक साझेदारी और अर्बन मोबिलिटी पर सहयोग की संभावनाओं पर विमर्श किया, वहीं दूसरी ओर टाटा स्टील के साथ ग्रीन स्टील तकनीक को लेकर एक ऐतिहासिक समझौता किया। इस समझौते के तहत टाटा स्टील झारखंड में 11 हजार करोड़ से अधिक का निवेश करेगी।
फोरम की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को प्रतिष्ठित व्हाइट बैज से सम्मानित किया गया। आधिकारिक तौर पर दी गई जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, झारखंड विधानसभा की महिला एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष सह विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन तथा राज्य के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल ने स्वीडन-इंडिया बिजनेस काउंसिल की चीफ इंडिया रिप्रेजेंटेटिव सेसिलिया ओल्डने से मुलाकात की।
इस दौरान झारखंड और स्वीडन के बीच व्यापारिक सहयोग को सुदृढ़ करने, निवेश आकर्षित करने तथा शहरी परिवहन और अर्बन मोबिलिटी के क्षेत्र में साझेदारी पर विस्तृत चर्चा हुई। सेसिलिया ओल्डने ने बताया कि वर्तमान में 50 से अधिक स्वीडिश कंपनियां भारत में सक्रिय हैं और झारखंड भविष्य में उनके लिए एक प्रमुख निवेश गंतव्य बन सकता है। बैठक में यह भी सहमति बनी कि मुख्यमंत्री के पिछले स्वीडन दौरे के दौरान वोल्वो सहित अन्य कंपनियों से हुई चर्चाओं को आगे बढ़ाने के लिए अप्रैल माह में एक विशेष राउंड टेबल बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें शहरी परिवहन के वित्तपोषण जैसे विषयों पर विचार होगा।
मुख्यमंत्री ने स्वीडन-इंडिया बिजनेस काउंसिल से राज्य में साइकिलों के उपयोग और सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए ई-साइकिल की संभावनाओं पर एक फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि झारखंड सरकार हर वर्ष लाखों विद्यार्थियों को साइकिल उपलब्ध कराती है ताकि शिक्षा में कोई बाधा न आए।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने झारखंड के साथ दीर्घकालिक साझेदारी की इच्छा जताते हुए क्रिटिकल मिनरल्स, समावेशी समाज, जलवायु कार्रवाई और ऊर्जा संक्रमण जैसे विषयों पर सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। औद्योगिक क्षेत्र में झारखंड के लिए सबसे बड़ा कदम टाटा स्टील के साथ ग्रीन स्टील तकनीक को लेकर हुआ समझौता रहा। झारखंड सरकार और टाटा स्टील के बीच 11,100 करोड़ से अधिक के निवेश से संबंधित लेटर ऑफ इंटेंट पर हस्ताक्षर किए गए। इस निवेश से राज्य में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
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