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भारत गल्फूड 2026 में 161 प्रदर्शकों के माध्यम से अपने विविध कृषि-खाद्य इकोसिस्टम का प्रदर्शन करेगा। भारत को पहली पहली बार गल्फूड 2026 में भागीदार का दर्जा मिला है। यह जानकारी वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने शुक्रवार को दी।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने कहा कि गल्फूड 2026 में भारत की भागीदारी बीते संस्करणों की तुलना में काफी अधिक है। भारतीय पवेलियन का आकार बीते वर्ष की तुलना में दोगुना हो गया है, जो भारतीय कृषि-खाद्य निर्यात के बढ़ते प्रभाव, भारतीय उत्पादों की बढ़ती वैश्विक मांग और निर्यातकों, संस्थानों और स्टार्टअप्स की बढ़ी हुई भागीदारी को दर्शाता है।
गल्फूड 2026 में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के जरिए भारत क्षेत्र-प्रमुख कृषि उत्पादों, जीआई-टैग वाले उत्पादों, जैविक उत्पादों और वैल्यू-एडेड खाद्य उत्पादों को प्रदशित करेगा।
भारत की भागीदारी का एक प्रमुख आकर्षण भारती पवेलियन है, जो निर्यात के लिए तैयार कृषि-खाद्य और कृषि-तकनीक स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए एपीडा की प्रमुख पहल है। दुबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के स्टार्टअप जोन में स्थित भारती पवेलियन में आठ उच्च क्षमता वाले भारतीय स्टार्टअप प्रदर्शित किए गए हैं, जिनका चयन 100 से अधिक आवेदकों में से राष्ट्रीय स्तर की प्रक्रिया के माध्यम से किया गया है। ये स्टार्टअप एपीडा के विदेश वाले खेत जैसे विजन के अनुरूप नवाचारी उत्पाद, प्रौद्योगिकी-आधारित समाधान और निर्यात-सक्षम प्रस्तुतियों का प्रदर्शन कर रहे हैं।
मंत्रालय ने बताया कि भारतीय पवेलियन में एक विशेष पाक कला क्षेत्र भी है, जहां पर एक प्रसिद्ध खानसामे भारतीय व्यंजनों का लाइव प्रदर्शन करेंगे। यह अनुभवात्मक क्षेत्र भारत की समृद्ध पाक कला विरासत, विविध क्षेत्रीय स्वादों और भारतीय सामग्रियों की बहुमुखी प्रतिभा को रेखांकित करता है, जिससे खरीदारों की रुचि बढ़ती है और भारतीय खाद्य उत्पादों को वैश्विक स्तर पर सराहना मिलती है।
एपीडा गल्फूड 2026 में भारत के भागीदार देश के दर्जे के तौर पर दुबई के प्रमुख स्थानों पर व्यापक विशेष ब्रांडिंग और उच्च-प्रभाव वाली प्रचार गतिविधियों का संचालन कर रहा है। इनमें मेट्रो स्टेशनों पर ब्रांडिंग, बस रैप्स, गैस स्टेशन, पैनल ब्रांडिंग और अन्य उच्च-दृश्यता वाले आउटडोर प्रारूप शामिल हैं, जो भारत की विजिबिलिटी और ब्रांड की पहचान को बड़े स्तर पर बढ़ाते हैं।
मंत्रालय ने मुताबिक, इस व्यापक और विस्तारित भागीदारी के माध्यम से, एपीडा का लक्ष्य खरीदार-विक्रेता संबंधों को मजबूत करना, भारतीय ब्रांड को वैश्विक स्तर पर प्रोत्साहन देना, स्टार्टअप और निर्यातकों का सहयोग करना, भारत की कृषि-खाद्य विविधता को प्रदर्शित करना और वैश्विक कृषि-खाद्य मूल्य श्रृंखला में एक विश्वसनीय, नवाचार-संचालित और संपोषित खिलाड़ी के तौर पर भारत की भूमिका को और मजबूत करना है।
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