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AI पर वैश्विक महाकुंभ: भारत में जुटेंगे दुनिया के दिग्गज नेता

शिखर सम्मेलन में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा और ग्रीस के प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोताकिस सहित अनेक शीर्ष नेता शामिल होंगे।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और पीएम मोदी / IANS/Twitter/@EmmanuelMacron

16 से 20 फरवरी तक राजधानी में आयोजित होने जा रहे ‘इंडिया–एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में विश्व के कई प्रमुख नेता भाग लेंगे। विदेश मंत्रालय ने इसकी आधिकारिक जानकारी दी है।

शिखर सम्मेलन में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा और ग्रीस के प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोताकिस सहित अनेक शीर्ष नेता शामिल होंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आमंत्रण पर आयोजित यह सम्मेलन ‘पीपुल, प्लैनेट एंड प्रोग्रेस’ अर्थात ‘जन, धरती और प्रगति’ के तीन सूत्रों पर आधारित है, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहयोग के प्रति भारत के दृष्टिकोण को दर्शाते हैं।

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सम्मेलन में नीदरलैंड के प्रधानमंत्री डिक स्कूफ, श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुर कुमार दिसानायके, भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे और मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम भी शामिल होंगे।

इसके अतिरिक्त स्पेन के राष्ट्रपति पेद्रो सांचेज़ पेरेज़-कास्तेजोन, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नहयान, क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविच, एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस, फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेट्टेरी ऑरपो, कजाखस्तान के प्रधानमंत्री ओल्झास बेक्टेनोव, लिकटेंस्टाइन के वंशानुगत राजकुमार एलोइस, स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाय परमेलन की भागीदारी भी प्रस्तावित है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, 45 से अधिक देशों के मंत्रीस्तरीय प्रतिनिधिमंडल सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव तथा कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी भी विचार-विमर्श में शामिल होंगे।

राष्ट्रपति मैक्रों 17 फरवरी को भारत पहुंचेंगे और 19 फरवरी को सम्मेलन में भाग लेंगे। वहीं राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा 18 से 22 फरवरी तक भारत की राजकीय यात्रा पर रहेंगे और 19-20 फरवरी को शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।

यह सम्मेलन कृत्रिम बुद्धिमत्ता के भविष्य, वैश्विक सहयोग, नीति-निर्माण और तकनीकी नवाचारों पर व्यापक मंथन का महत्वपूर्ण मंच साबित होगा, जहां भारत विकसित डिजिटल भविष्य की दिशा में अपनी भूमिका को और सशक्त करेगा।

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