गौतम अदाणी / Adani Group
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने रविवार को कहा कि भारत एक ऐसे अहम दौर में प्रवेश कर रहा है, जहां तकनीक, प्रतिभा और राष्ट्रीय उद्देश्य एक साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के युग में आगे आएं और नेतृत्व करें।
महाराष्ट्र के बारामती में विद्या प्रतिष्ठान के शरद पवार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (सीओई-एआई) के उद्घाटन के मौके पर अपने उद्बोधन में गौतम अदाणी ने कहा, “भारत की अटूट शक्ति लोगों, संस्थानों और लंबे समय की सोच को एकजुट करने की क्षमता में निहित है। अब यही सोच युवाओं को एआई के बारे में अपनानी होगी, सिर्फ उपयोगकर्ता बनकर नहीं, बल्कि इसे बनाने वाले और नेतृत्व करने वाले बनकर।”
एआई को लेकर लोगों की चिंताओं को समझते हुए उन्होंने कहा कि इतिहास इस मामले में हमें आश्वासन प्रदान करता है। अदाणी ग्रुप के चेयरमैन ने आगे कहा, “औद्योगिक क्रांतियों से लेकर भारत के डिजिटल बदलाव तक, हर बड़ी तकनीकी क्रांति ने इंसानों की क्षमता को बढ़ाया है।”
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उन्होंने कहा कि एआई इसे और आगे ले जाएगा, क्योंकि इससे आम लोगों के हाथों में सीधे बुद्धिमत्ता और काम करने की ताकत आएगी। इससे हर वर्ग के युवाओं को विकास में भाग लेने का मौका मिलेगा।
गौतम अदाणी ने यह भी चेतावनी दी कि एआई के क्षेत्र में नेतृत्व को आउटसोर्स नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, “आज के समय में जब बुद्धिमत्ता तेजी से आर्थिक शक्ति और राष्ट्रीय प्रभाव को आकार दे रही है, तब विदेशी तकनीक पर पूरी तरह निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है।”
उन्होंने कहा कि डेटा, फैसले लेने की क्षमता और तकनीकी ताकत देश के हित में ही होनी चाहिए। भारत को अपने खुद के एआई मॉडल, मजबूत कंप्यूटिंग क्षमता और सुरक्षित तकनीकी सिस्टम बनाने की जरूरत है, ताकि देश की आर्थिक सुरक्षा, सांस्कृतिक आत्मविश्वास और स्वतंत्रता बनी रहे।
उन्होंने बताया कि वैश्विक एआई क्षेत्र में अदाणी ग्रुप की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
अदाणी ग्रुप डेटा सेंटर्स, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वच्छ ऊर्जा में बड़ा निवेश कर रहा है, जिससे बड़े स्तर पर कंप्यूटिंग संभव हो सके। इसी वजह से गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी वैश्विक कंपनियां भारत में एआई से जुड़े विकास में रुचि दिखा रही हैं।
यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बारामती की शैक्षणिक संस्था विद्या प्रतिष्ठान के तहत बनाया गया है। इसके लिए गौतम अदाणी ने साल 2023 में 25 करोड़ रुपए का योगदान दिया था। इस पहल का उद्देश्य उन्नत शोध, कौशल विकास और उद्योग से जुड़े प्रशिक्षण को बढ़ावा देना है।
इस परियोजना से जुड़े लोगों के अनुसार, यह केंद्र कृषि, स्वास्थ्य, शासन और उद्योग जैसे क्षेत्रों में एआई के उपयोग पर काम करेगा। साथ ही, इसमें शिक्षा संस्थानों और निजी कंपनियों के बीच सहयोग पर खास ध्यान दिया जाएगा।
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