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'लोहे के चने चबाने' जैसा है अमेरिका में भारतीय छात्रों का नौकरी लेना

अमेरिका में करंट जॉब मार्केट के बारे में जानने के लिए 'न्यू इंडिया अब्रॉड' ने भारतीय ग्रेजुएट्स से बात की। छात्रों ने आर्थिक बदलाव, सख्त आव्रजन नीतियां और बढ़ते कॉम्पिटिशन के बारे में कई जरूरी जानकारी दी है। आइए जानते हैं इस बारे में।

प्रतीकात्मक तस्वीर / REUTERS/Elizabeth Frantz


आज भी भारत से आए लाखों की संख्या में ऐसे छात्र हैं जो अमेरिकी विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे हैं और सपने को पूरा करने के लिए दिन- रात लगे हुए हैं, वहीं वो पल खुशी का होता है, जब किसी छात्र को पता चलता है कि उसकी नौकरी लग गई है। बता दें, अगर आपको ऐसा लगता है कि अमेरिकी विश्वविद्यालय में पढ़ाई करने वाले छात्रों की नौकरी लगना आसान है, तो शायद आप किसी गलतफहमी में हो सकते हैं, दरअसल नौकरी के लिए छात्रों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ती है, या यूं कहें लोहे के चने चबाने पड़ते हैं, तब जाकर उन्हें एक नौकरी नसीब होती है। बता दें, वर्तमान अमेरिकी जॉब मार्केट के बारे में जानने के लिए भारतीय छात्रों और हाल ही में ग्रेजुएट हुए छात्रों से 'न्यू इंडिया अब्रॉड' ने बात की है। आइए जानते हैं, इस बारे में क्या है छात्रों का कहना।

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