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पूर्व व्हाइट हाउस सलाहकार ने अमेरिकी सार्वजनिक अनुसंधान को 'संकट' में बताया

प्रभाकर ने कहा कि यह प्रणाली अब 'बहुत बड़े खतरे में' है। उन्होंने कहा कि इसमें बड़ी संख्या में कर्मचारियों की छंटनी भी शामिल है। हमारी सरकारी अनुसंधान एजेंसियों और प्रयोगशालाओं में अब लगभग 25,000 कम लोग काम करते हैं।

 आरती प्रभाकर। आरती प्रभाकर। / Screengrab from YouTube/ Baker Institute

अमेरिका की पूर्व विज्ञान सलाहकार आरती प्रभाकर ने चेतावनी दी है कि अमेरिका में संघीय वित्त पोषित अनुसंधान संकट में है, क्योंकि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, टीकों और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में हुई महत्वपूर्ण प्रगति के पीछे मौजूद सार्वजनिक विज्ञान आधार को कमजोर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

राइस विश्वविद्यालय में बेकर इंस्टीट्यूट के नागरिक वैज्ञानिक व्याख्यान के दौरान प्रभाकर ने कहा कि अमेरिका में सार्वजनिक वित्त पोषित अनुसंधान और विकास एक गंभीर संकट में है। उन्होंने कहा कि हम अपने लोकतंत्र पर सत्तावादी कब्जे के प्रयास के दौर से गुजर रहे हैं। इसका प्रभाव विज्ञान एजेंसियों, विश्वविद्यालयों और प्रयोगशालाओं में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

यह भी पढ़ें: गीता गोपीनाथ की चेतावनी- AI से बड़े पैमाने पर जा सकती हैं नौकरियां
 

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