सबरीना अग्रवाल / UC Berkeley
भारतीय मूल की प्रोफेसर सबरीना सी. अग्रवाल को यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले के कॉलेज ऑफ लेटर्स एंड साइंस में अंडरग्रेजुएट स्टडीज डिवीजन का अंतरिम डीन नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति 1 जुलाई, 2026 से 30 जून, 2027 तक प्रभावी रहेगी।
इस नियुक्ति की घोषणा चांसलर रिचर्ड के. लायंस और एग्जीक्यूटिव वाइस चांसलर और प्रोवोस्ट बेंजामिन ई. हरमालिन ने की। यूनिवर्सिटी की योजना है कि पतझड़ (ऑटम) के मौसम में स्थायी डीन की तलाश शुरू की जाए, जिसकी नियुक्ति वसंत (स्प्रिंग) 2027 में होने और काम शुरू करने की संभावित तारीख 1 जुलाई, 2027 होने की उम्मीद है।
यह भी पढ़ें: सेजल पटेल दासवानी नई नेतृत्व भूमिका में, अयार लैब्स से जुड़ीं
बर्कले के एंथ्रोपोलॉजी डिपार्टमेंट की प्रोफेसर और चेयर, अग्रवाल 2004 में यूनिवर्सिटी से जुड़ी थीं और पिछले तीन वर्षों से डिपार्टमेंट चेयर के तौर पर काम कर रही हैं। उन्होंने 2022 से 2025 तक नेटिव अमेरिकन रिपैट्रिएशन (मूल अमेरिकी अवशेषों की वापसी) और नेटिव अमेरिकन ग्रेव्स प्रोटेक्शन एंड रिपैट्रिएशन एक्ट (NAGPRA) के अनुपालन के मामलों पर पूर्व चांसलर कैरोल क्रिस्ट की विशेष सलाहकार के रूप में भी काम किया और 2020 से 2024 तक यूनिवर्सिटी की NAGPRA कार्यान्वयन समिति की अध्यक्षता की।
नियुक्ति की घोषणा करते हुए, लायंस और हरमालिन ने अग्रवाल की इंटरडिसिप्लिनरी स्कॉलरशिप (विभिन्न विषयों को मिलाकर अध्ययन करने की क्षमता) और अंडरग्रेजुएट शिक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि एक इंटरडिसिप्लिनरी स्कॉलर के तौर पर, जिनका काम L&S के तीन डिवीजनों के संगम पर स्थित है, प्रोफ़ेसर अग्रवाल बर्कले के मिशन के प्रति दृढ़ता से प्रतिबद्ध हैं। वह यह सुनिश्चित करने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं कि छात्रों को कॉलेज में समानता, समावेश और समुदाय व अपनापन की सच्ची भावना पर आधारित व्यापक और गहन लिबरल आर्ट्स और साइंसेज की शिक्षा मिले।
एक बायोलॉजिकल एंथ्रोपोलॉजिस्ट के तौर पर, अग्रवाल का शोध बायोएथिक्स; हड्डियों के स्वास्थ्य में उम्र, लिंग और जेंडर से जुड़े बदलावों; और कंकाल जीव विज्ञान (स्केलेटल बायोलॉजी) तथा सामाजिक पहचान, असमानता, विकलांगता और स्वास्थ्य के मुद्दों के बीच संबंध पर केंद्रित है।
उनके काम में ब्रिटेन, इटली, तुर्की और जापान की पुरातात्विक आबादी में हड्डियों की सूक्ष्म संरचना, बोन मिनरल डेंसिटी और कंकाल के विकास का अध्ययन किया गया है। अग्रवाल को 2020 में बर्कले का 'डिस्टिंग्विश्ड टीचिंग अवॉर्ड' मिला, जो यूनिवर्सिटी में बेहतरीन टीचिंग के लिए दिया जाने वाला सबसे बड़ा सम्मान है। साथ ही, 2015 में उन्हें ग्रेजुएट डिवीज़न की ओर से ग्रेजुएट स्टूडेंट इंस्ट्रक्टर को बेहतरीन मेंटरशिप देने के लिए 'फैकल्टी अवॉर्ड' भी मिला।
अग्रवाल ने यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो से एंथ्रोपोलॉजी (मानव-विज्ञान) में बैचलर, मास्टर और डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की और टोरंटो के माउंट सिनाई हॉस्पिटल के सैमुअल लुननफेल्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट में रिसर्च की। बर्कले में आने से पहले, उन्होंने मैकमास्टर यूनिवर्सिटी में पोस्टडॉक्टरल फेलोशिप की और बाद में यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो में विजिटिंग लेक्चरर के तौर पर काम किया।
अन्य खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें न्यू इंडिया अब्रॉड
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login