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बढ़ते विरोध के बावजूद ट्रम्प 2026 में आव्रजन सख्ती बढ़ाने के लिए तैयार

जनवरी में ट्रम्प के पदभार संभालने के बाद से अब तक लगभग 622,000 आप्रवासियों को निर्वासित किया जा चुका है।

राष्ट्रपति ट्रम्प अवैध प्रवासियों पर नकेल कसना जारी रखेंगे। / REUTERS/Daniel Becerril/File Photo

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प 2026 में अरबों डॉलर की नई धनराशि के साथ आव्रजन संबंधी और भी आक्रामक कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं। इसमें कार्यस्थलों पर छापे मारना भी शामिल है। भले ही अगले साल के मध्यावधि चुनावों से पहले विरोध बढ़ रहा हो, लेकिन ट्रम्प अपने घोषित एजेंडे पर बढ़ने वाले हैं। 

ट्रम्प पहले ही अमेरिका के प्रमुख शहरों में आव्रजन एजेंटों की तैनाती बढ़ा चुके हैं, जहां उन्होंने मोहल्लों में छापेमारी की और निवासियों के साथ झड़पें कीं। हालांकि इस साल संघीय एजेंटों ने कुछ हाई-प्रोफाइल व्यवसायों पर छापे मारे, लेकिन उन्होंने बड़े पैमाने पर खेतों, कारखानों और अन्य आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण व्यवसायों पर छापे मारने से परहेज किया, जो बिना कानूनी दर्जे वाले प्रवासियों को रोजगार देते हैं।

जुलाई में रिपब्लिकन-नियंत्रित कांग्रेस द्वारा एक विशाल व्यय पैकेज पारित करने के बाद, ICE और बॉर्डर पेट्रोल को सितंबर 2029 तक 170 अरब डॉलर की अतिरिक्त धनराशि मिलेगी जो उनके मौजूदा लगभग 19 अरब डॉलर के वार्षिक बजट में एक भारी वृद्धि है।

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि वे हजारों और एजेंटों की भर्ती करने, नए हिरासत केंद्र खोलने, स्थानीय जेलों से अधिक अप्रवासियों को निकालने और कानूनी दर्जे के बिना लोगों का पता लगाने के लिए बाहरी कंपनियों के साथ साझेदारी करने की योजना बना रहे हैं। अगले साल होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले बढ़ते राजनीतिक विरोध के संकेतों के बावजूद ये विस्तारित निर्वासन योजनाएं सामने आई हैं।

मियामी, जो अपनी बड़ी आप्रवासी आबादी के कारण ट्रम्प की दमनकारी नीतियों से सबसे अधिक प्रभावित शहरों में से एक है, ने पिछले सप्ताह लगभग तीन दशकों में अपना पहला डेमोक्रेटिक मेयर चुना। नवनिर्वाचित मेयर ने इसे आंशिक रूप से राष्ट्रपति के प्रति प्रतिक्रिया बताया। अन्य स्थानीय चुनावों और जनमत सर्वेक्षणों से पता चलता है कि आक्रामक आप्रवासन नीतियों को लेकर मतदाताओं में चिंता बढ़ रही है।

मध्यमपंथी रिपब्लिकन राजनीतिक रणनीतिकार माइक मैड्रिड ने कहा कि लोग इसे अब केवल आप्रवासन का मुद्दा नहीं बल्कि अधिकारों का उल्लंघन, उचित प्रक्रिया का उल्लंघन और गैर-संवैधानिक रूप से मोहल्लों का सैन्यीकरण मान रहे हैं। इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह राष्ट्रपति और रिपब्लिकन के लिए एक समस्या है।

कई प्रमुख अमेरिकी शहरों में दमनकारी नीतियां शुरू करने से पहले मार्च में ट्रम्प की आप्रवासन नीति पर समग्र अनुमोदन रेटिंग 50% थी, जो दिसंबर के मध्य में गिरकर 41% हो गई, जबकि यही उनका सबसे मजबूत मुद्दा था।

बढ़ती जन-अशांति का केंद्र बिंदु नकाबपोश संघीय एजेंटों द्वारा आवासीय मोहल्लों में आंसू गैस छोड़ने और अमेरिकी नागरिकों को हिरासत में लेने जैसी आक्रामक रणनीति का इस्तेमाल करना है।

आंकड़े बेतहाशा बढ़ेंगे
कानूनी कार्रवाई बढ़ाने के अलावा, ट्रम्प ने लाखों हैती, वेनेजुएला और अफगानिस्तान के आप्रवासियों की अस्थायी कानूनी स्थिति रद्द कर दी है, जिससे निर्वासित किए जाने वाले लोगों की संख्या बढ़ गई है। राष्ट्रपति ने हर साल 10 लाख आप्रवासियों को निर्वासित करने का वादा किया है। एक ऐसा लक्ष्य जिसे वे इस साल लगभग निश्चित रूप से पूरा नहीं कर पाएंगे। जनवरी में ट्रम्प के पदभार संभालने के बाद से अब तक लगभग 622,000 आप्रवासियों को निर्वासित किया जा चुका है।

व्हाइट हाउस के सीमा प्रमुख टॉम होमन ने रॉयटर्स को बताया कि ट्रम्प ने ऐतिहासिक निर्वासन अभियान चलाने और अपराधियों को हटाने के अपने वादे को पूरा किया है, साथ ही अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर अवैध अप्रवासन को भी रोका है। होमन ने कहा कि आईईसी द्वारा अधिक अधिकारियों की भर्ती और नए फंड से हिरासत क्षमता बढ़ाने के कारण गिरफ्तारियों की संख्या में तेजी से वृद्धि होगी। होमन ने कहा कि मुझे लगता है कि अगले साल आप संख्या में भारी उछाल देखेंगे। होमन ने कहा कि योजनाओं में कार्यस्थलों पर अधिक कानूनी कार्रवाई करना बिल्कुल शामिल है।

मध्य-वामपंथी समूह थर्ड वे की सामाजिक नीति निदेशक सारा पियर्स ने कहा कि अमेरिकी व्यवसाय पिछले एक साल में ट्रम्प की आव्रजन संबंधी सख्ती का विरोध करने में अनिच्छुक रहे हैं, लेकिन अगर ध्यान नियोक्ताओं पर केंद्रित होता है तो वे खुलकर बोलने के लिए प्रेरित हो सकते हैं। पियर्स ने कहा कि यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या व्यवसाय अंततः इस प्रशासन के खिलाफ खड़े होते हैं या नहीं।
 

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