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भारतीय समाज सुधारक के नाम पर कैनसस में मनेगा ये दिवस

राज्यपाल ने कैनसस में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों के योगदान की भी सराहना की।

 बसव की प्रतिमा और कंसास के गवर्नर की घोषणा बसव की प्रतिमा और कंसास के गवर्नर की घोषणा / Wikimedia commons and LINGAYATH OFFICIAl via X

अमेरिका के कैनसस राज्य में राज्यपाल लॉरा केली ने 20 अप्रैल को बसव दिवस घोषित किया है। यह फैसला कर्नाटक के इतिहास और संस्कृति को सम्मान देने के रूप में देखा जा रहा है।

बसव 12वीं सदी के दार्शनिक, कवि और समाज सुधारक थे। उन्हें बसवन्ना भी कहा जाता है। उन्होंने शिव भक्ति आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह लिंगायत परंपरा के संस्थापक या पुनर्जीवक माने जाते हैं।

उन्होंने कन्नड़ भाषा में छोटे-छोटे वचनों के माध्यम से अपने विचार फैलाए। उन्होंने जाति और लिंग के भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने मंदिरों में कर्मकांड के बजाय व्यक्तिगत भक्ति को महत्व दिया। उन्होंने कहा कि ईमानदारी से किया गया काम ही पूजा है।

27 मार्च को जारी अपने संदेश में राज्यपाल लॉरा केली ने बसव को महान व्यक्तित्व बताया। उन्होंने कहा कि बसव एक ऐसे व्यक्ति थे जिनमें आध्यात्मिकता, आदर्शवाद, नेतृत्व, ज्ञान और मानवता का मेल था। उनके विचार आज भी दुनिया भर के लोगों को प्रेरित करते हैं।

घोषणा में यह भी कहा गया कि उनके विचार एक ऐसे समाज की कल्पना करते हैं जो भेदभाव से मुक्त हो। इसमें महिलाओं की समानता, भाईचारे और हर व्यक्ति के भीतर मौजूद ईश्वर की अवधारणा पर जोर दिया गया। राज्यपाल ने कैनसस में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों के योगदान की भी सराहना की।

उन्होंने कहा कि उनकी सांस्कृतिक परंपराएं राज्य को और समृद्ध बनाती हैं। कैनसस की यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब एक महीने पहले ऑस्टिन शहर ने भी 20 अप्रैल को बसव दिवस घोषित किया था। ऑस्टिन ने भी बसव के विचारों और उनके योगदान की सराहना की थी।

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