ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

हैदराबाद में पूजा के बाद ही मिली Tesla को ‘फुल सेफ्टी रेटिंग’

हैदराबाद के रहने वाले डॉ. प्रवीन कोडूरू ने अपनी नई Tesla Model Y की डिलीवरी ली और सबसे पहले उसे मंदिर लेकर गए, जहां उन्होंने पारंपरिक वाहन पूजा करवाई।

गेंदे के फूल की माला पहने टेस्ला / X/@drpraveenkoduru

एलन मस्क ने भले ही टेस्ला को दुनिया की सबसे तेज और एडवांस कारों में शामिल किया हो लेकिन भारत में किसी भी सफर की शुरुआत बिना पूजा के पूरी नहीं मानी जाती। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में हाल ही में पहली Tesla Model Y की डिलीवरी हुई। लेकिन कार की असली यात्रा सड़क पर नहीं, बल्कि मंदिर से शुरू हुई।

हैदराबाद के रहने वाले डॉ. प्रवीन कोडूरू ने अपनी नई Tesla Model Y की डिलीवरी लेने के बाद सबसे पहले उसे मंदिर लेकर गए, जहां उन्होंने पारंपरिक वाहन पूजा करवाई जो भारत में किसी भी नए वाहन की शुरुआत से पहले शुभ मानी जाती है।

डॉ. कोडूरू ने एक्स (X) पर तस्वीरें साझा कीं जिनमें उनकी लाल टेस्ला गेंदे के फूलों की माला से सजी हुई दिख रही है। कार के पहियों पर कुमकुम का टीका लगाया गया था और परिवार के सदस्य पारंपरिक परिधान में पूजा में शामिल थे। उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा कि भारत में कोई भी कार, चाहे वो टेस्ला ही क्यों न हो, तब तक फाइव-स्टार सेफ्टी रेटिंग नहीं पा सकती जब तक वाहन पूजा न हो जाए।



इससे पहले उन्होंने अपनी नई टेस्ला मिलने पर उत्साह जताते हुए लिखा था कि आज मेरी ड्रीम कार Tesla Model Y आखिरकार मिल गई! हैदराबाद की पहली टेस्ला! टेक्नोलॉजी और डिजाइन का यह कमाल एलन मस्क की जीनियस इंजीनियरिंग का नतीजा है।

आपको बता दें कि वाहन पूजा में नारियल फोड़ना, कुमकुम लगाना, और फूलों से सजावट करना शुभ माना जाता है। यह परंपरा सुरक्षा, समृद्धि और शुभ यात्रा के प्रतीक के रूप में की जाती है।

प्रवीन के इस पोस्ट पर लोग जमकर रिएक्ट कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा कि इंडियन टच में टेस्ला और भी खूबसूरत लग रही है। दूसरे ने मजाक किया और लिखा कि भारत में वाहन पूजा ही असली क्रैश टेस्ट सर्टिफिकेशन है।
तीसरे ने कहा कि निंबू-मिर्ची के बिना टेस्ला भी सुरक्षित नहीं है!

दिलचस्प बात यह है कि यह परंपरा सिर्फ कारों तक सीमित नहीं। तेलंगाना में पहले एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें एक हेलिकॉप्टर की भी वाहन पूजा नारियल, फूल और नींबू के साथ होती दिखी थी।

2019 में फ्रांस में भारत के पहले राफेल फाइटर जेट की डिलीवरी के वक्त भी भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शस्त्र पूजा की थी। उस वक्त उन्होंने जेट पर ॐ लिखा था और फूल चढ़ाए थे। इसके अलावा पहियों के नीचे नींबू रखे थे।

वैसे यह परंपरा सिर्फ भारत में नहीं है। फिलीपींस और बोलिविया जैसे देशों में भी नई गाड़ियों की धार्मिक आशीर्वाद से शुरुआत की जाती है।

एक यूजर ने खूबसूरती से लिखा कि चाहे स्कूटर हो, टेस्ला, हेलिकॉप्टर या फाइटर जेट। सफर हमेशा दुआओं से ही शुरू होता है।

Comments

Related