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टेनेसी मिशनरी को कथित तौर पर हिरासत में लिया गया, भारत से निर्वासित किया गया

वाकर का मामला कथित तौर पर अकेला मामला नहीं है और अन्य अमेरिकी मिशनरियों को भी भारत में प्रतिबंधों या उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है।

 डॉ. सिंथिया वाकर डॉ. सिंथिया वाकर / Lalit K Jha/ New India Abroad

वॉशिंगटन, डीसी स्थित एक स्वतंत्र पत्रकार ने आरोप लगाया है कि टेनेसी के एक पादरी की पत्नी को पिछले महीने बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतररष्ट्रीय हवाई अड्डे पर घंटों तक हिरासत में रखा गया और उन्हें अमेरिका लौटने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने इसे भारत में 'ईसाई उत्पीड़न' के कथित बढ़ते चलन का हिस्सा बताया।

व्हाइट हाउस से मान्यता प्राप्त स्वतंत्र पत्रकार कोरिन क्लिफोर्ड ने बताया कि उन्हें 18 अक्टूबर को नैशविले में उनके पादरी का एक संकटकालीन कॉल आया, जिसमें बताया गया कि उनकी पत्नी डॉ. सिंथिया वाकर को एक दिन पहले भारत के बेंगलुरु हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया गया था। क्लिफोर्ड ने एक इंटरव्यू में कहा कि उन्हें भारत के बेंगलुरु हवाई अड्डे पर आठ घंटे से अधिक समय तक इसलिए हिरासत में रखा गया क्योंकि वह एक ईसाई मिशनरी हैं।
 

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