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सुरेश मैथ्यूज को सैम्फर्ड यूनिवर्सिटी के इस स्कूल में अंतरिम डीन की जिम्मेदारी

मैथ्यूज 2015 से न्यूट्रिशन एंड डाइटेटिक्स विभाग में प्रोफेसर और चेयरमैन के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।  

 मैथ्यूज का शोध मोटापा और मधुमेह पर फोकस रहा है।  मैथ्यूज का शोध मोटापा और मधुमेह पर फोकस रहा है। / courtesy photo

सैम्फर्ड यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ ने न्यूट्रिशन रिसर्चर डॉ. सुरेश मैथ्यूज को अंतरिम डीन नियुक्त किया है। मैथ्यूज 2015 से न्यूट्रिशन एंड डाइटेटिक्स विभाग में प्रोफेसर और चेयरमैन के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।  

डॉ. सुरेश मैथ्यूज ने वेन स्टेट यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन से पोस्ट डॉक्टरल ट्रेनिंग ली है। बाद में उन्होंने वहीं पर फैकल्टी के रूप में सेवाएं दीं। इसके बाद वे ऑबर्न यूनिवर्सिटी के न्यूट्रिशन विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर और ग्रेजुएट प्रोग्राम डायरेक्टर बने। फिर उन्होंने सैम्फर्ड यूनिवर्सिटी में अपना सफर जारी रखा।  

मैथ्यूज का शोध मोटापा और मधुमेह पर फोकस रहा है। उनके 130 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं। उनके कार्य को अमेरिकन डायबिटीज़ एसोसिएशन और यूएसडीए (USDA) नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फ़ूड एंड एग्रीकल्चर से अनुदान प्राप्त है। 

मैथ्यूज विभिन्न संपादकीय बोर्डों में भी सेवाएं दे चुके हैं और वैश्विक सम्मेलनों में वक्ता के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज करवा चुके हैं। मैथ्यूज सामुदायिक सेवा में भी सक्रिय हैं। वे न्यूट्रिशन डिपार्टमेंट्स एंड प्रोग्राम्स एसोसिएशन और सेंट्रल अलबामा के कम्युनिटी फूडबैंक के बोर्ड में भी सक्रिय हैं।  

अपनी नई भूमिका से उत्साहित मैथ्यूज ने कहा कि मैं छात्रों और शिक्षकों के साथ मिलकर सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए तत्पर हूं। 

डॉ. सुरेश मैथ्यूज ने भारत के मद्रास विश्वविद्यालय से बायोकैमिस्ट्री में पीएचडी की है। उसके बाद मिशिगन स्थित वेन स्टेट यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन से मोटापा व मधुमेह पर पोस्ट डॉक्टरल प्रशिक्षण प्राप्त किया।  
 

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