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समुद्री हादसे में दो भारतीय-अमेरिकी महिलाओं की मौत, राज सलवान ने शोक जताया

फ्रेमोंट के रहने वाली 21 साल के नायर और 20 साल की सरन, 10 जून को कैलिफोर्निया के सांता क्रूज काउंटी में समुद्र की लहरों में बह गई थीं।

 राज सलवान राज सलवान / FB/Raj Salwan

फ्रेमोंट के मेयर राज सलवान ने दो युवा भारतीय-अमेरिकी महिलाओं की दुखद मौत पर शोक व्यक्त किया है, जिनकी पिछले सप्ताह समुद्र में हुए एक हादसे के दौरान जान चली गई थी।

सलवान ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि हमारा फ्रेमोंट समुदाय हर्षिता नायर और माहियाल सरन की दुखद मौत से बहुत दुखी है। ये दोनों वॉशिंगटन हाई स्कूल की ग्रेजुएट थीं और उनकी युवा जिंदगी में बहुत संभावनाएं थीं। उन्होंने कहा कि मेरी गहरी संवेदनाएं उनके परिवारों, दोस्तों, क्लासमेट्स और इस अकल्पनीय नुकसान पर शोक मनाने वाले सभी लोगों के साथ हैं।

दोनों पीड़ित इसी सिलिकॉन वैली शहर में पली-बढ़ी थीं। भारत में जन्मे सलवान ने दिसंबर 2024 में फ्रेमोंट के मेयर का पद संभाला था।

यह भी पढ़ें: समुद्र में डूबीं दो भारतीय छात्राएं, बचाने की कोशिश... लेकिन मौत

फ्रेमोंट के पहले भारतीय-अमेरिकी मेयर सलवान ने कहा कि जब हमारा समुदाय शोक मना रहा है, मैं समुद्र तट पर जाने वाले सभी लोगों से समुद्र से जुड़ी चेतावनियों को गंभीरता से लेने का आग्रह करता हूं। 'स्नीकर वेव्स' (अचानक उठने वाली खतरनाक लहरें), तेज धाराएं और ज्वार-भाटा बिना किसी चेतावनी के आ सकते हैं। कृपया ज्वार और खतरों की स्थिति की जांच करें, पानी के किनारे से दूर रहें और समुद्र की ओर कभी भी पीठ न करें। मेयर बनने से पहले, सलवान 18 से अधिक वर्षों तक फ्रेमोंट सिटी काउंसिल में सेवा दे चुके हैं।

फ्रेमोंट की रहने वाली 21 वर्षीय नायर और 20 वर्षीय सरन 10 जून को कैलिफोर्निया के सांता क्रूज काउंटी में समुद्र में बह गईं। अधिकारियों ने बताया कि ये दोनों सहेलियां बॉनी डून के पैंथर बीच पर 'कीहोल फॉर्मेशन' (चट्टानों के बीच का रास्ता) से होकर धूप सेंकने गई थीं, तभी सूर्यास्त से ठीक पहले एक 'स्नीकर वेव' ने उन्हें फंसा लिया।

कैल फायर के प्रवक्ता माइकल हॉर्न ने कहा कि पानी और ऊंची लहरों के कारण बीच पर वापस आने का उनका रास्ता पूरी तरह से कट गया था। इस घटना के बाद, अधिकारियों ने बीच पर जाने वालों से आग्रह किया कि वे अनजान जगहों पर सतर्क रहें, चेतावनी के संकेतों पर ध्यान दें और तेज लहरों व तेजी से बदलते ज्वार-भाटा के खतरों को समझें।

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