ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

फरवरी में PM मोदी का अमेरिका दौरा: ट्रम्प ने किया ऐलान, प्रवासियों पर क्या होगा फैसला?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फरवरी में अमेरिका का दौरा करेंगे। इस मुलाकात में द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार, और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

 27 जनवरी को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रम्प ने कहा, 'वो (पीएम मोदी) फरवरी में अमेरिका आएंगे।'  27 जनवरी को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रम्प ने कहा, 'वो (पीएम मोदी) फरवरी में अमेरिका आएंगे।' / FILE/Reuters

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फरवरी में अमेरिका का दौरा करेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ये जानकारी दी है। 27 जनवरी को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रम्प ने कहा, 'वो (पीएम मोदी) फरवरी में अमेरिका आएंगे।' जब उनसे अवैध प्रवासियों और क्या पीएम मोदी उन्हें वापस लेने के लिए राजी हुए हैं, इस बारे में सवाल किया गया, तो ट्रम्प ने जवाब दिया, 'जो सही होगा वो जरूर करेंगे। हमने इस पर बात की।' 

उसी दिन पहले ट्रम्प ने प्रधानमंत्री मोदी से फोन पर बात की थी। दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच 'आपसी फायदे और भरोसेमंद साझेदारी' को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। राष्ट्रपति ट्रम्प ने अमेरिका में बने डिफेंस सामान की भारत द्वारा बढ़ती खरीद पर जोर दिया और संतुलित व्यापारिक रिश्ते की अहमियत बताई।

दोनों ने क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं खासकर हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर भी बात की। यहां भारत क्वॉड (Quad) में अहम भूमिका निभाता है। प्रधानमंत्री मोदी की पिछली अमेरिका यात्रा सितंबर 2024 में हुई थी, जो चौथे क्वॉड लीडर्स समिट के लिए थी। ये समिट तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडेन ने आयोजित किया था। इस समिट में ऑस्ट्रेलिया और जापान के प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज और फुमियो किशिदा भी शामिल हुए थे। 

ट्रम्प की भारत की आखिरी यात्रा फरवरी 2020 में 'नमस्ते ट्रम्प' इवेंट के दौरान हुई थी। इस यात्रा में गुजरात के अहमदाबाद में एक बड़ी रैली भी शामिल थी। ये यात्रा सितंबर 2019 में ह्यूस्टन, टेक्सास में हुए 'हाउडी मोदी' इवेंट के बाद हुई थी। इसे दोनों देशों के बढ़ते राजनयिक संबंधों की शुरुआत माना जाता है।

पिछले 15 सालों में भारत-अमेरिका के रिश्ते काफी बदल गए हैं। शीत युद्ध के दौर के अविश्वास से ये रिश्ते परमाणु ऊर्जा सहयोग और रक्षा व्यापार पर आधारित साझेदारी में तब्दील हो गए हैं। 2008 में हुए ऐतिहासिक असैन्य परमाणु सहयोग समझौते ने द्विपक्षीय संबंधों में एक अहम मोड़ लाया और बढ़ते गठबंधन को और मजबूत किया।

 

Comments

Leave A Comment

Required fields are marked (*).

Related

Talk to us?