ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

पाकिस्तान: पोलियो अभियान में करीब 10 लाख बच्चे छूटे, 53 हजार का टीकाकरण से इनकार

2026 में शुरू किए गए इस पोलियो अभियान में लगभग 9.5 लाख बच्चों के छूटने की पुष्टि हुई।

पाकिस्तान भर में 4.43 करोड़ से अधिक बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स पिलाई गईं। / Xinhua/Umar Qayyum/IANS

पाकिस्तान में वर्ष 2026 के पहले पोलियो टीकाकरण अभियान के दौरान करीब 10 लाख बच्चे पोलियो ड्रॉप्स से वंचित रह गए, जबकि 53 हजार मामलों में टीकाकरण से इनकार (रिफ्यूज़ल) दर्ज किया गया। स्थानीय मीडिया ने सोमवार को यह जानकारी दी। इनकार के सबसे ज्यादा मामले — 58 प्रतिशत — कराची से सामने आए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में 4.43 करोड़ से अधिक बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स पिलाई गईं। आंकड़ों के मुताबिक, अभियान के दौरान घर-घर कवरेज 98 प्रतिशत रहा और केवल दो प्रतिशत बच्चे छूटे। हालांकि, पाकिस्तान की बड़ी आबादी को देखते हुए छूटे बच्चों की संख्या अब भी काफी अधिक मानी जा रही है।

कुल मिलाकर, 2026 में शुरू किए गए इस पोलियो अभियान में लगभग 9.5 लाख बच्चों के छूटने की पुष्टि हुई। इनमें से करीब 6.7 लाख बच्चे इसलिए टीका नहीं लगवा सके क्योंकि वे अभियान के समय घर पर मौजूद नहीं थे। इस दौरान 25 लाख ‘गेस्ट बच्चों’ को पोलियो ड्रॉप्स दी गईं, जिससे ऐसे कई बच्चों को कवर किया गया जो अपने घरों पर उपलब्ध नहीं थे।

यह भी पढ़ें- ब्रिटिश पीएम स्टार्मर एपस्टीन स्कैंडल के दबाव में नहीं देंगे इस्तीफा

एक अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा समस्याओं, सामुदायिक बहिष्कार और बर्फ से ढके इलाकों के कारण 2.33 लाख बच्चे टीकाकरण से वंचित रह गए। इनमें 1.84 लाख बच्चे खैबर पख्तूनख्वा से थे, जबकि पाकिस्तान-अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) और पाकिस्तान-अधिकृत गिलगित-बाल्टिस्तान (PoGB) में लगभग 50 हजार बच्चे बर्फबारी और अभियान न हो पाने के कारण नहीं पहुंच पाए।

अधिकारी के अनुसार, बलूचिस्तान के मस्तुंग, ग्वादर, चागई और अवारान क्षेत्रों में सुरक्षा कारणों से पोलियो उन्मूलन अभियान स्थगित करना पड़ा। कुल लक्षित बच्चों में से 0.14 प्रतिशत मामलों में टीकाकरण से इनकार दर्ज किया गया, जिनमें से 31 हजार मामले अकेले कराची से थे।

आंकड़ों के मुताबिक, पंजाब में 2.29 करोड़ से अधिक, सिंध में 1.05 करोड़ से ज्यादा, खैबर पख्तूनख्वा में 71.3 लाख से अधिक और बलूचिस्तान में 23 लाख से ज्यादा बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स दी गईं। इस्लामाबाद में 4.55 लाख, PoGB में लगभग 2.61 लाख और PoJK में 6.73 लाख बच्चों का टीकाकरण किया गया।

पाकिस्तान और अफगानिस्तान दुनिया के ऐसे दोमात्र देश हैं, जहां अब भी वाइल्ड पोलियोवायरस स्थानिक (एंडेमिक) बना हुआ है। पाकिस्तान में पोलियो कर्मियों पर हमले भी लगातार होते रहे हैं, खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में।

अक्टूबर में खैबर पख्तूनख्वा के निज़ामपुर के काहि इलाके में पोलियो टीम की सुरक्षा में तैनात एक पुलिस कांस्टेबल मकसूद (35) की अज्ञात हमलावरों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह हमला उस समय हुआ, जब महिला स्वास्थ्यकर्मी एक घर में बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स पिला रही थीं। घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।

न्यू इंडिया अब्रॉड की अन्य खबरों को पढ़ने के लिए क्लिक करें।

Comments

Related

To continue...

Already have an account? Log in

Create your free account or log in