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मार्टिन लूथर किंग जूनियर... अटलांटा का संग्रहालय और उनकी जीवन यात्रा

गांधी जी के विचारों से प्रभावित लूथर किंग ने रंग भेद मिटाने के लिए गांधी जी का ही मार्ग अपनाया था।

संग्रहालय में मार्टिन लूथर किंग जूनियर... / Tapasya Chaubey

आज (15 जनवरी) मार्टिन लूथर किंग जूनियर का जन्मदिवस है। ऐसे में मैं आपको अटलांटा लेकर चलती हूं जहां इनका जन्म हुआ था। जन्म और मृत्य के बीच इन्होंने जो 39 साल में जो जीया वह किसी प्रेरणा से कम नही। इनके योगदान के लिए इन्हें सबसे कम उम्र में विश्व शांति का नोबल पुरस्कार मिला।

गांधी जी के विचारों से प्रभावित लूथर किंग ने रंग भेद मिटाने के लिए गांधी जी का ही मार्ग अपनाया था। चर्च के पादरी मार्टिन ने निर्णय लिया कि मैंने प्रेम को ही अपनाने का निर्णय लिया है। घृणा करना तो बेहद कष्टदायक काम है। इन्होंने ने अमेरिका में फैले गोरे -काले के भेद को मिटाने के लिए  एक आंदोलन चलाया और यह आंदोलन 381 दिनों तक चला।

हुआ यूं था, अट्लैंटा के मार्टिन को अल्बामा के एक चर्च में उपदेश देने के लिए बुलाया गया। वहां एक अश्वेत महिला ने बस में अपना सीट किसी गोरे को देने से मना किया। इसके कारण उसे गिरफ्तार होना पड़ा। कुछ -कुछ गांधी जी के अफ्रीका ट्रेन यात्रा जैसा। इसके बाद मार्टिन लूथर ने इसके खिलाफ आवाज उठाई और कामयाब रहे।

संयोग देखिए की गांधी के मार्ग पर चलने वाले मार्टिन की हत्या भी कुछ गांधी जैसी ही रही। इन्हें उस वक्त होटल में गोली मार दी गई , जब ये मेम्फिस में सफाई कर्मचारियों के स्वस्थ और उनकी सुविधाओं के बारे में विरोध करने गए थे।

अब बात करतीं हूं अटलांटा की। मार्टिन लूथर किंग के कामों को दर्शाने के लिए एक खूबसूरत म्यूजियम अटलांटा डाउनटाउन में बना है। यहां पर विश्व भर में हो रहे या हुए सिवल राइट्स के बारे में जानकारी है। दो फ्लोर के इस म्यूजियम में आपको मार्टिन लूथर किंग की जीवनी और उनके संघर्ष को कहीं पेंटिंग तो कही ओडियो तो कहीं छोटे -छोटे वीडियो में दिखाया गया है। 

इनका प्रमुख भाषण- आई हैव अ ड्रीम... कुछ 20 भाषाओं में लिखा हुआ मिल जाएगा। साथ ही अमेरिका के दूसरे प्रांत में कैसे काले लोगों ने विरोध किया था। कैसे किसी नीग्रो बच्ची को स्कूल में दाखिला नही मिला, कैसे किसी पुलिस वाले ने किसी युवक को मार डाला आदि किस्से भी दर्ज हैं। इसके साथ यहां गांधी, मंडेला और लूथर के कई विचार लिखे हैं। 

मार्टिन लूथर किंग की कुछ चिट्ठियां ,लेख और उनके कुछ सामान का भी संग्रह किया गया है। साथ ही “निर्मल कुमार बोस” की “सेक्शन आउफ गांधी “ की भी एक प्रति है। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था गांधी और भारत का कई जगह जिक्र पढ़ कर, सुनकर ।

यहां तस्वीरें लेने की अनुमति नही है। बाहर के हॉल या निचले तले पर आप कुछ तस्वीरें ले सकते  हैं। उन्हीं कुछ तस्वीरों के साथ मार्टिन लूथर किंग कुछ विचार जो मुझे प्रभावित करतें है...

  • 100 सफल विचार बनाने से अच्छा, एक सफल विचार को गति देना है। यही सफलता का मूल मंत्र है
  • यदि तुम उड़ नही सकते हो तो दौड़ो, यदि तुम दौड़ नही सकते हो तो चलो, यदि तुम चल नही सकते हो तो रेंगो, लेकिन तुम जैसे भी करो तुम्हें आगे बढ़ना है 

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