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मरीन सेंचुरी राइड में बढ़ रही है भारतीय-अमेरिकी प्रतिभागियों की संख्या

वॉलिंटियर समन्वयक और पूर्व राइड निदेशक लोरेन ट्रौटवीन ने बताया कि रेस की शुरुआत मरीन काउंटी के श्वेत लोगों ने की थी। लेकिन पिछले चार वर्षों में दक्षिण एशियाई सवारों की संख्या में वृद्धि हुई है।

 कृष्णा रूपनगुंटा और अजीत भावे उन भारतीय अमेरिकियों की बढ़ती संख्या का हिस्सा हैं जो मुख्यधारा के बाइकिंग कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं। कृष्णा रूपनगुंटा और अजीत भावे उन भारतीय अमेरिकियों की बढ़ती संख्या का हिस्सा हैं जो मुख्यधारा के बाइकिंग कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं। / Ritu Marwah

कैलिफोर्निया के नोवाटो में स्टैफोर्ड लेक पार्क में मरीन सेंचुरी राइड एक वार्षिक कार्यक्रम है जो आसपास के इलाकों से भी बाइक सवारों को आकर्षित करता है। यह तीन संभावित विकल्पों के साथ एक चुनौतीपूर्ण राइड है। हर राइड बाइकर के लिए अच्छी खासी ऊंचाई और लंबाई प्रदान करती है। जाहिर है कि यह कमजोर दिल वालों के लिए नहीं है। 3 अगस्त को इस राइड ने अपने 61 वर्ष पूरे किए हैं। दिलचस्प यह है कि पिछले कुछ वर्षों में राइड में भाग लेने वाले भारतीय-अमेरिकी बाइकर्स की संख्या बढ़ रही है। 

वॉलिंटियर समन्वयक और पूर्व राइड निदेशक लोरेन ट्रौटवीन ने बताया कि रेस की शुरुआत मरीन काउंटी के श्वेत लोगों ने की थी। लेकिन पिछले चार वर्षों में दक्षिण एशियाई सवारों की संख्या में वृद्धि हुई है। डबल सेंचुरी ईवेंट के लिए हमारे यहां दुनिया भर से लोग आते हैं। कुछ लोग तो भारत से भी आते हैं। 

1963 में अपनी स्थापना के बाद से प्रतिवर्ष अगस्त के पहले शनिवार को आयोजित होने वाली मरीन सेंचुरी राइड के तीन मार्ग हैं। सबसे चुनौतीपूर्ण 100-मील माउंट टैम सेंचुरी की ऊंचाई 9,000 फीट है। 100-मील क्लासिक सेंचुरी की कुल चढ़ाई 7,150 फीट से अधिक है और 100-किलोमीटर कॉम्पैक्ट सेंचुरी एक परीक्षण के साथ 62-मील का कोर्स है। मार्शल वॉल की कुल चढ़ाई 4,300 फीट है। 

इस कठिन चढ़ाई को कर चुके राजीव मारवाह ने कहा कि दीवार की 2.8 मील की कुल चढ़ाई में से लगभग 800 फीट खड़ी चढ़ाई है। भगवान का शुक्र है कि मैंने फतह पाई। राइड में एकमात्र राहत या सुकून प्राकृतिक दृश्य थे। चढ़ाई के दौरान बहुत गर्मी थी और बहुत कम या कोई छाया नहीं थी...लेकिन मैं यात्रा कर चुका हूं। 

यह क्षेत्र अत्यंत ग्रामीण एवं सुदूरवर्ती है। शांत वेस्ट मरीन सड़कें डेयरी फार्मों से होकर गुजरती हैं। यह परिदृश्य प्रशांत महासागर और मरीन काउंटी के अरोयो सॉसल जलाशय के कुछ दृश्यों के साथ ऊबड़-खाबड़ चारागाह का है। अजीत भावे ने बताया कि वहां पेड़ों का हिस्सा या छाया बहुत कम है। भावे की बाइक यात्रा के दौरान दो बार पंक्चर हो गई थी। पर वे कहते हैं कि सहायता टीम बहुत सजग थी। उन्होंने बाइक ठीक की और सुनिश्चित किया कि हम यात्रा पूरी कर लें।

कृष्णा रूपनगुंटा साथी सवारों से प्रेरित थे। जब एक 75 वर्षीय व्यक्ति उनसे आगे निकल गया और माउंट तमालपाइस (जिसकी ऊंचाई 2,500 फीट है) पर चढ़े सवार उसके रास्ते में आ गए तो उसने कसम खाई कि वह भी उनकी तरह करके दिखाएगा। कृष्णा ने कहा कि मैंने एक महिला को राइ़ड़ में भाग लेते देखा। उसकी उम्र लगभग 80 वर्ष रही होगी। वह अपनी बाइक के साथ पैदल चढ़ाई करती थी और बाइक पर बैठकर ढलान से उतरती थी। वह 62 मील की यात्रा के लगभग अंत तक चलती रही। तब सवारों ने कहा कि जैसे-जैसे
हमारी उम्र बढ़ती है हम उसके जैसा बनने के लिए प्रेरित होते हैं। 

सैक्रामेंटो के हरदीप ने द सिख साइक्लिंग क्लब की जर्सी का समर्थन किया। वह फ्रेमोंट कैलिफोर्निया से अपने भाई के साथ क्लब के साथ जुड़े रहे हैं। मूल रूप से जमशेदपुर के रहने वाले हरदीप ने सैक्रामेंटो क्षेत्र के नौ गुरुद्वारों की अपनी 86 मील की बाइक यात्रा की कहानियां साझा कीं। एक चीज जो भारतीय अमेरिकी सवारों को दूसरों से अलग करती है वह है उनके साथ चलने वाले उत्साहवर्धक दस्ते (लोगों का समूह) का आकार। भाई, बहन, जीजा, देवरानी-जेठानी, पति/पत्नी, बच्चे सभी ने हाथ हिलाकर और घंटियाँ बजाकर गर्व के साथ अपने सवारों का स्वागत करते हैं। 

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