सांकेतिक चित्र... / (Photo: iStock)
अमेरिका में काम करने के इच्छुक विदेशी पेशेवरों के लिए H-1B वर्क वीजा से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। अमेरिकी होमलैंड सुरक्षा विभाग (DHS) ने H-1B वीजा कार्यक्रम को लेकर एक नया नियम जारी किया है, जिसका उद्देश्य अमेरिकी श्रमिकों की नौकरियों, वेतन और कामकाजी परिस्थितियों की बेहतर सुरक्षा करना है। यह नियम अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (USCIS) की ओर से लागू किया गया है।
नए नियम के तहत अब H-1B वीजा के लिए प्रक्रिया पूरी तरह बदल दी गई है। अब तक वीजा पाने के लिए रैंडम लॉटरी सिस्टम लागू था, लेकिन इसे खत्म कर दिया गया है। इसकी जगह अब एक 'वेटेड सेलेक्शन प्रोसेस' लागू किया जाएगा, जिसमें अधिक कुशल (हायर स्किल) और अधिक वेतन पाने वाले विदेशी पेशेवरों को प्राथमिकता दी जाएगी।
DHS के अनुसार, पुराने लॉटरी सिस्टम का लंबे समय तक गलत इस्तेमाल होता रहा। कई अमेरिकी नियोक्ता इस प्रक्रिया का फायदा उठाकर कम वेतन पर विदेशी कामगारों को लाते थे, जिससे अमेरिकी कर्मचारियों को नुकसान होता था।
यूएससीआईएस के प्रवक्ता मैथ्यू ट्रैगेसर ने कहा कि यह रैंडम सिस्टम कांग्रेस के मूल उद्देश्य को पूरा नहीं कर पा रहा था। नए नियम से यह सुनिश्चित होगा कि एच-1बी वीजा उन्हीं विदेशी पेशेवरों को मिले जिनकी योग्यता और वेतन स्तर ऊंचा है।
उन्होंने कहा कि नया चयन सिस्टम अमेरिकी कंपनियों को उच्च वेतन और उच्च कौशल वाले विदेशी पेशेवरों को नियुक्त करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। इससे अमेरिका की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत होगी और साथ ही अमेरिकी श्रमिकों के हितों की रक्षा भी होगी।
एच-1बी वीजा की संख्या में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हर साल 65,000 एच-1बी वीजा जारी किए जाते हैं, जबकि अमेरिका से उच्च डिग्री प्राप्त करने वालों के लिए अतिरिक्त 20,000 वीजा उपलब्ध रहते हैं। हालांकि, नए नियम के तहत चयन की संभावना अब ज्यादा कुशल और अधिक वेतन वाले आवेदकों के पक्ष में होगी, जबकि सभी वेतन स्तरों के लिए अवसर बने रहेंगे।
यह नया नियम 27 फरवरी 2026 से लागू होगा और वित्त वर्ष 2027 की एच-1बी कैप रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में प्रभावी रहेगा। डीएचएस का कहना है कि यह बदलाव एच-1बी कार्यक्रम की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है।
इस सुधार को ट्रंप प्रशासन की एच-1बी सुधार नीति का हिस्सा बताया गया है।
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