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'SEBI ने की दस्तावेजों की हेराफेरी', Jane Street का बड़ा आरोप

अमेरिकी ट्रेडिंग फर्म जेन स्ट्रीट ने भारतीय बाजार नियामक सेबी के खिलाफ मामला दायर किया है।

सेबी पर जेन स्ट्रीट का यह बड़ा आरोप है। / Reuters

अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक टकराव बढ़ता ही जा रहा है। अब दिग्गज ट्रेडिंग फर्म जेन स्ट्रीट ने भारतीय बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह मामला प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण में दायर किया गया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, अदालती फाइलिंग से इस विवाद का इसका पता चला है। 

प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण पहला ट्रिब्यूनल है जहां, सेबी के आदेशों के खिलाफ अपील की जाती है। रॉयटर्स के मुताबिक, एक ईमेल के जवाब में जेन स्ट्रीट ने मामले में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। वहीं भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने भी इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। 

कंपनी ने अपनी फाइलिंग में कहा है कि बाजार नियामक ऐसे दस्तावेज और डेटा उपलब्ध नहीं करा रहा है। ये वो दस्तावेज हैं, जिनके जरिए बाजार में हेरफेर के आरोपों का खंडन किया जा सकता है।

वहीं इस मामले के एक जानकार सूत्र के मुताबिक, जेन स्ट्रीट की अपील में अनुरोध किया गया है कि SAT सेबी को जेन स्ट्रीट को कथित रूप से गायब कि दस्तावेज उपलब्ध कराए। कंपनी ने कहा कि ये दस्तावेज निश्चित रूप से मामले में अहम हैं। 

क्या है मामला?
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने 4 जुलाई को जेन स्ट्रीट को स्थानीय बाजार में अस्थायी रूप से प्रतिबंधित कर दिया था। यूएस फर्म पर भारत के प्रमुख सूचकांकों में हेराफेरी करने के आरोप लगे हैं। भारत में यह किसी विदेशी निवेशक फर्म के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई थी। मामले में इससे पहले जेन स्ट्रीट को 21 दिनों के भीतर आरोपों पर जवाब देने को कहा गया था। लेकिन सेबी द्वारा दी गई सीमा बीत जाने के बावजूद भी फर्म ने जवाब नहीं दिया। ऐसे में जेन स्ट्रीट ने प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण में अपना पक्ष रखा है। 

यह भी पढ़ें: अमेरिकी टैरिफ का असर: फार्मा निर्यात के लिए भारत की रूस, ब्राजील, नीदरलैंड पर नजर
 

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