real estate / (AI image/IANS
भारत के रियल एस्टेट सेक्टर में संस्थागत निवेश 2025 में सालाना आधार पर 19 प्रतिशत बढ़कर 8.1 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। यह जानकारी गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई। भारत में रियल एस्टेट में निवेश बढ़ने की वजह बढ़ता शहरीकरण और औद्योगिक गतिविधियां हैं।
वेस्टियन की ओर से जारी रिपोर्ट में बताया गया कि 2025 की चौथी तिमाही यानी अक्टूबर-दिसंबर अवधि में संस्थागत निवेश तिमाही आधार पर ऑल-टाइम हाई 3.73 अरब डॉलर रहा है। इसमें पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 112 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।
रिपोर्ट में कहा गया कि 2025 में रियल एस्टेट में हुई कुल संस्थागत निवेश में कमर्शियल संपत्तियों की हिस्सेदारी 63 प्रतिशत रही है, यह आंकड़ा 2024 में 35 प्रतिशत पर था। इनकी वैल्यू सालाना आधार पर 113 प्रतिशत बढ़कर 5.1 अरब डॉलर हो गई है।
कमर्शियल संपत्तियों ने अक्टूबर-दिसंबर अवधि में कुल संस्थागत निवेश का 61 प्रतिशत हिस्सा हासिल किया है और इनकी वैल्यू करीब 2.3 अरब डॉलर थी। इसकी वजह देश में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) का तेजी से बढ़ना है।
रिपोर्ट में बताया गया कि 2025 की चौथी तिमाही में हुए कुल निवेश का 13 प्रतिशत स्थिर विकास वाले प्रोजेक्ट्स को आवंटित किया गया है, जो दिखाता है कि निवेशकों का ध्यान स्थिरता की तरफ बढ़ रहा है।
चौथी तिमाही में आवासीय क्षेत्र में निवेश सालाना आधार पर 129 प्रतिशत बढ़कर 438.4 मिलियन डॉलर हो गया है। इसके अलावा इंडस्ट्रियल और वेयरहाउसिंग सेगमेंट में निवेश बढ़कर 615.4 मिलियन डॉलर हो गया है, यह पिछली तिमाही में हुए निवेश का सात गुना है। यह दिखाता है कि निवेशक लॉजिस्टिक्स पार्क पर फोकस कर रहे हैं।
रिपोर्ट में बताया गया कि 2025 की चौथी तिमाही में विदेशी निवेश 10 गुना बढ़कर 1.54 अरब डॉलर हो गया है। हालांकि, वैश्विक अस्थिरता के बीच विदेशी निवेशक सर्तक बने हुए हैं।
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