ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

भारत-US में 900 मिलियन डॉलर की डिफेंस डील, इंडियन फोर्स की बढ़ेगी ताकत

भारतीय रक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारत ने अमेरिकी फॉरेन मिलिट्री सेल्स (FMS) कार्यक्रम के तहत लेटर्स ऑफ ऑफर एंड एक्सेप्टेंस (LOAs) पर हस्ताक्षर किए हैं।

भारत-अमेरिका डिफेंस डील / X/@USAndIndia

अमेरिका के साथ बढ़ते व्यापारिक तनाव के बीच भारत ने अमेरिकी सरकार के साथ 900 मिलियन डॉलर (7,995 करोड़ रुपये) की डिफेंस डील फाइनल की। यह पैकेज भारतीय नौसेना की 24 MH-60R ‘सीहॉक’ हेलिकॉप्टरों को पांच साल तक तकनीकी और परिचालन सहायता प्रदान करेगा। यह समझौता ऐसे समय हुआ है जब अगस्त के अंत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारतीय सामान पर 50% तक का भारी टैरिफ लगा दिया था, जिससे दोनों देशों के संबंधों में तनाव बढ़ गया था।

पांच साल का सपोर्ट पैकेज, उन्नत सुविधाओं के साथ
भारतीय रक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारत ने अमेरिकी फॉरेन मिलिट्री सेल्स (FMS) कार्यक्रम के तहत लेटर्स ऑफ ऑफर एंड एक्सेप्टेंस (LOAs) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत हेलिकॉप्टर बेड़े की सतत उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्पेयर्स और सपोर्ट इक्विपमेंट, प्रोडक्ट सपोर्ट, ट्रेनिंग और तकनीकी सहायता, तथा उपकरणों की मरम्मत और बदलने की सुविधा शामिल है। इसके साथ ही भारत में इंटरमीडिएट लेवल रिपेयर और पीरियॉडिक मेंटेनेंस सुविधाएँ स्थापित करने का भी प्रावधान किया गया है ताकि दीर्घकाल में देश की अपनी तकनीकी क्षमता मजबूत हो सके।

यह भी पढ़ें- H-1B में चुनौतियों के बीच भारतीय कंपनियों का रुझान L वीजा की ओर बढ़ा

मंत्रालय ने कहा, “इन-देश सुविधाओं का विकास लंबे समय में क्षमता वृद्धि सुनिश्चित करेगा और अमेरिकी सरकार पर निर्भरता कम करेगा, जो आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप है।” यह कदम MSMEs और भारतीय कंपनियों को भी रक्षा क्षेत्र में उत्पाद और सेवाओं के विकास के नए अवसर देगा।

 

This post is for paying subscribers only

SUBSCRIBE NOW

Comments

Related