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कैलिफोर्निया में ग्रीन कार्ड प्रक्रिया के दौरान भारतीय मूल की महिला हिरासत में

स्थानीय सांसद रॉबर्ट गार्सिया के अनुसार, बबली कौर को एक तय इमिग्रेशन अपॉइंटमेंट के दौरान यूएस इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) ने हिरासत में लिया।

 USCIS USCIS / Facebook

कैलिफोर्निया के लॉन्ग बीच में रहने वाली भारतीय मूल की एक महिला को ग्रीन कार्ड प्रक्रिया के आखिरी चरण में अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी ने हिरासत में ले लिया। महिला की पहचान 60 वर्षीय बबली कौर के रूप में हुई है जो 1994 से अमेरिका में रह रही हैं।

स्थानीय सांसद रॉबर्ट गार्सिया के अनुसार, बबली कौर को एक तय इमिग्रेशन अपॉइंटमेंट के दौरान यूएस इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) ने हिरासत में लिया। फिलहाल उन्हें दक्षिण कैलिफोर्निया के एडेलांटो डिटेंशन सेंटर में रखा गया है।

गार्सिया ने इस कार्रवाई को डराने वाली और अमानवीय बताया। उन्होंने कहा कि बबली कौर कानून का पालन कर रही थीं और कानूनी तरीके से स्थायी निवास पाने की प्रक्रिया में थीं। उन्होंने यह भी कहा कि बबली कौर अपने पति की मुख्य देखभाल करने वाली हैं और उन्हें तुरंत रिहा किया जाना चाहिए।

गार्सिया ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उनके कार्यालय ने ICE, USCIS और एडेलांटो डिटेंशन सेंटर से संपर्क कर रिहाई की मांग की है और वे परिवार के संपर्क में हैं।

लॉन्ग बीच वॉचडॉग की रिपोर्ट के अनुसार, बबली कौर को उनके ग्रीन कार्ड इंटरव्यू के दौरान हिरासत में लिया गया, जिससे परिवार पूरी तरह हैरान रह गया।

बबली कौर और उनके पति पहले नटराज क्यूजीन ऑफ इंडिया एंड नेपाल नाम से एक रेस्तरां चलाते थे जिसे कोविड महामारी के दौरान बंद करना पड़ा।

दंपति के तीन बच्चे हैं। उनका बड़ा बेटा और बेटी अमेरिकी नागरिक हैं। सबसे छोटी बेटी जोति (34) को DACA कार्यक्रम के तहत कानूनी दर्जा मिला हुआ है। परिवार ने बताया कि बबली कौर की ग्रीन कार्ड याचिका उनकी बड़ी बेटी और दामाद के जरिए पहले ही मंजूर हो चुकी थी।

परिवार का कहना है कि बबली कौर बायोमेट्रिक्स अपॉइंटमेंट के लिए गई थीं, जिसे ग्रीन कार्ड प्रक्रिया का आखिरी चरण बताया जाता है। उसी दौरान फेडरल एजेंट्स वहां पहुंचे और उन्हें हिरासत में ले लिया। उन्होंने वकील से बात करने की मांग की और एक छोटी कॉल भी की, लेकिन फिर भी उन्हें छोड़ा नहीं गया।

परिवार को शुरू में यह भी नहीं बताया गया कि उन्हें कहां ले जाया जा रहा है। कई घंटों की अनिश्चितता के बाद पता चला कि पहले उन्हें लॉस एंजिल्स और फिर एडेलांटो डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया।

सांसद रॉबर्ट गार्सिया ने कहा कि उनका कार्यालय इस मामले में दबाव बनाता रहेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि कृपया उनकी कहानी साझा करते रहें। हमें उन्हें घर वापस लाने के लिए लड़ना होगा।

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