अंश जकटीमठ / southasia.upenn.edu
भारतीय मूल के छात्र अंश जकटीमठ को यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया के दक्षिण एशिया अध्ययन विभाग ने वर्ष 2026 का प्रतिष्ठित होल्डन फर्बर पुरस्कार प्रदान किया है। यह वार्षिक पुरस्कार दक्षिण एशिया से जुड़े विषयों पर लिखे गए सर्वश्रेष्ठ स्नातक स्तर के शोध लेख को दिया जाता है।
अंश को यह सम्मान उनके शोध पत्र द पॉलिटिक्स ऑफ द क्लासिकल: कास्ट डॉमिनेंस एंड द इरेजर ऑफ ‘लो-कास्ट’ कंट्रीब्यूशंस इन द म्यूजिकल कॉन्शियसनेस ऑफ मॉडर्न इंडिया के लिए मिला। अपने शोध में अंश ने बताया है कि भारत के शास्त्रीय संगीत के विकास और उसकी समझ पर जातिगत संरचनाओं का किस तरह प्रभाव पड़ा है। उन्होंने तर्क दिया कि ऐतिहासिक रूप से वंचित समुदायों के योगदान को मुख्यधारा की संगीत कथाओं में अक्सर नजरअंदाज किया गया है।
अंश जकटीमठ का पारिवारिक संबंध उत्तर कर्नाटक से है। उन्होंने वर्ष 2026 में यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया से फिलॉसफी, पॉलिटिक्स एंड इकोनॉमिक्स (PPE) तथा साउथ एशिया स्टडीज में बैचलर ऑफ आर्ट्स की डिग्री प्राप्त की।
विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान वह पेन इंटरनेशनल इम्पैक्ट कंसल्टिंग के अध्यक्ष रहे। इसके अलावा उन्होंने PPE अंडरग्रेजुएट एडवाइजरी बोर्ड में भी सदस्य के रूप में काम किया। अंश विश्वविद्यालय की दक्षिण एशियाई डांस टीम पेन मस्ती के सदस्य भी रहे।
शैक्षणिक गतिविधियों के अलावा उन्होंने पेन इंटरनेशनल इम्पैक्ट कंसल्टिंग के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय परामर्श और विकास परियोजनाओं पर काम किया।
वह विश्वविद्यालय के छात्र समाचार पत्र द डेली पेनसिल्वेनियन में खेल स्तंभकार के रूप में भी योगदान देते रहे।
अंश ने सेंटर फॉर द एडवांस्ड स्टडी ऑफ इंडिया के सहयोग से शाही एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ नीति संबंधी परियोजनाओं पर भी काम किया।
दक्षिण एशिया के प्रसिद्ध इतिहासकार होल्डन फर्बर के नाम पर स्थापित यह पुरस्कार दक्षिण एशिया अध्ययन विभाग के सबसे पुराने शैक्षणिक सम्मानों में से एक है।
यह पुरस्कार हर वर्ष दक्षिण एशिया से जुड़े विषयों पर उत्कृष्ट शोध और लेखन के लिए दिया जाता है। पुरस्कार के साथ 300 अमेरिकी डॉलर की राशि भी प्रदान की जाती है।
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