सांकेतिक चित्र / pexel
अमेरिका के मैरीलैंड राज्य में एक अपार्टमेंट के भीतर एक युवा भारतीय हेल्थकेयर प्रोफेशनल की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने बताया कि युवती के पूर्व प्रेमी की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तलाश की जा रही है, जो उसके लापता होने की रिपोर्ट करने के कुछ ही घंटों बाद देश छोड़कर भारत चला गया था।
हॉवर्ड काउंटी पुलिस के अनुसार, एलिसॉट सिटी की 27 साल की निकिता गोडिशला का शव 3 जनवरी को कोलंबिया स्थित एक अपार्टमेंट में मिला। यह अपार्टमेंट उनके पूर्व साथी 26 वर्षीय अर्जुन शर्मा का बताया गया है। अर्जुन शर्मा भी भारत से हैं। पुलिस ने उन पर फर्स्ट और सेकंड-डिग्री मर्डर का आरोप दर्ज किया है। अर्जुन भारत के लिए उड़ान भर चुका है, इसकी पुष्टि होने के बाद अमेरिकी एजेंसियां उसे तलाशने और गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही हैं।
पुलिस ने बताया कि 2 जनवरी को अर्जुन शर्मा ने निकिता के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने कहा था कि उसने निकिता को आखिरी बार 31 दिसंबर को अपने अपार्टमेंट में देखा था, जो ट्विन रिवर्स रोड के 10100 ब्लॉक में स्थित है। बाद में पुलिस को पता चला कि उसी दिन अर्जुन शर्मा अमेरिका छोड़कर भारत चला गया।
3 जनवरी को पुलिस ने अपार्टमेंट की तलाशी ली, जहां निकिता का शव चाकू के घावों के साथ मिला। पुलिस का मानना है कि 31 दिसंबर, नए साल की पूर्व संध्या पर शाम 7 बजे के तुरंत बाद उसकी हत्या की गई थी। जांचकर्ताओं ने कहा कि जांच जारी है और अब तक हत्या का कोई मकसद सामने नहीं आया है। हावर्ड काउंटी पुलिस ने कहा कि शव मिलने के बाद अर्जुन शर्मा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। उसे पकड़ने की कोशिश की जा रही है।
निकिता के लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, वह एक हेल्थकेयर और डेटा एनालिटिक्स प्रोफेशनल थीं। उन्हें फार्मेसी, क्लिनिकल रिसर्च, स्वास्थ्य सूचना प्रौद्योगिकी और डाटा प्रबंधन का अनुभव था। उनका लक्ष्य डाटा के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना और मरीजों के नतीजों में सुधार करना था। उन्हें विश्लेषण, नियामक अनुपालन और स्वास्थ्य गुणवत्ता प्रणालियों का अच्छा ज्ञान था।
उनके पास यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड बाल्टीमोर काउंटी से हेल्थ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में मास्टर डिग्री और भारत में जवाहरलाल नेहरू टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से डॉक्टर ऑफ फार्मेसी की डिग्री थी।
अमेरिकी कानून के अनुसार, फर्स्ट-डिग्री मर्डर में पहले से प्लानिंग शामिल होती है, जबकि सेकंड-डिग्री मर्डर उन जानबूझकर की गई हत्याओं पर लागू होता है जिनमें पहले से कोई प्लानिंग नहीं होती। गौर करने वाली बात यह है कि अमेरिका और भारत के बीच प्रत्यर्पण संधि है, जिससे गंभीर अपराधों में सहयोग किया जाता है। हालांकि, ऐसी प्रक्रिया में अदालतों की समीक्षा और कूटनीतिक समन्वय शामिल होता है, और इसमें अक्सर कई महीने लग जाते हैं।
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