फायर फाइटिंग रोबोट / IANS
भारतीय सेना लगातार आधुनिक टेक्नोलॉजी को अपना रही है। अब इसी दिशा में एक और कदम आगे बढ़ाया गया है। सेना अग्निशमन के कार्यों में भी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करेगी और रोबोट इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सेना द्वारा खरीदे जाने वाले ये रोबोट फायर फाइटिंग रोबोट कहलाते हैं और ये अग्निशमन के कार्य में माहिर हैं।
दरअसल, यह फायर फाइटिंग रोबोट एक कॉम्पैक्ट, बहुउपयोगी और मानव रहित ग्राउंड व्हीकल है। इसे अत्यधिक जोखिमपूर्ण और खतरनाक अग्निशमन परिस्थितियों में संचालन के लिए डिजाइन किया गया है। यह ऐसी परिस्थितियों में सफलतापूर्वक काम करता है, जहां मानव हस्तक्षेप जोखिमपूर्ण होता है। यह रोबोट सुरक्षित दूरी से अग्निशमन कार्यों को अंजाम देने में सक्षम है। इससे आपातकालीन और संकटपूर्ण परिस्थितियों में भारतीय सेना के अग्निशमन कर्मियों की सुरक्षा में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
भारतीय सेना ने इनोवेशन फॉर डिफेन्स एक्सीलेंस (आईडेक्स) के अंतर्गत फायर फाइटिंग रोबोट की महत्वपूर्ण खरीद संबंधी अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। सेना का कहना है कि यह कदम आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के अनुरूप है। भारतीय सेना के मुताबिक फायर फाइटिंग रोबोट की खरीद के लिए यह अनुबंध स्वदेशी कंपनी एम्प्रेसा प्राइवेट लिमिटेड के साथ किया गया है।
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यह फायर फाइटिंग रोबोट मूल रूप से इनोवेशन फॉर डिफेन्स एक्सीलेंस ढांचे के अंतर्गत भारतीय बलों के लिए विकसित किया गया था। सक्षम प्रावधानों का उपयोग करते हुए, भारतीय सेना ने इसे पहली बार अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप अपनाने का फैसला किया है। यह खरीद सिंगल स्टेज कॉम्पोजिट ट्रायल के आधार पर की गई है। यह प्रक्रिया रक्षा सेवाओं के बीच आपसी सहयोग, संयुक्तता और तकनीकी एकीकरण को सशक्त बनाती है।
सेना का मानना है कि यह पहल रक्षा स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र को भी मजबूती प्रदान करती है। डिफेन्स इनोवेशन ऑर्गनाइजेशन के अंतर्गत संचालित इनोवेशन फॉर डिफेन्स एक्सीलेंस, सशस्त्र बलों और स्टार्ट-अप्स व नवोन्मेषकों के बीच सेतु का कार्य कर रहा है। रक्षा स्टार्ट-अप समुदाय में इसे व्यापक स्वीकृति मिली है।
भारतीय सेना अपने पहले से वितरित इनोवेशन फॉर डिफेन्स एक्सीलेंस प्रोजेक्ट्स के स्पाइरल डेवलपमेंट पर कार्य कर रही है। फिलहाल लगभग 22 इनोवेशन फॉर डिफेन्स एक्सीलेंस परियोजनाएं प्रोटोटाइप प्रोजेक्ट पूर्ण होने के बाद परीक्षण चरण की ओर अग्रसर हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि फायर फाइटिंग रोबोट को लेकर किया गया यह अनुबंध न केवल स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देता है, बल्कि भविष्य के लिए एक सुरक्षित, आधुनिक और नवाचार-आधारित भारतीय सेना के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।
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