जंगल / unsplash.com
भारत का कहना है कि पिछले एक दशक में उसके वन क्षेत्र में 17,000 वर्ग किलोमीटर से ज्यादा की वृद्धि हुई है, लेकिन पर्यावरणविदों और मानवाधिकार समूहों ने चेतावनी दी है कि ये आंकड़े एकल-फसलीय वृक्षारोपण, जैव विविधता के नुकसान और वन-आश्रित समुदायों के विस्थापन की एक कठोर वास्तविकता को छिपाते हैं।
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