विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल / Courtesy: IANS/Prem Nath Pandey
भारत ने होर्मुज स्ट्रेट में दो भारतीय जहाजों पर हुई फायरिंग को लेकर प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर भारत का पक्ष रखा है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भारत की ईरानी राजदूत से हुई बात का जिक्र किया। बयान में लिखा है-
“नई दिल्ली में ईरान के राजदूत को शनिवार शाम विदेश मंत्रालय ने विदेश सचिव के साथ एक बैठक के लिए बुलाया। इस बैठक के दौरान, विदेश सचिव ने होर्मुज स्ट्रेट में हुई गोलीबारी की घटना पर भारत की गहरी चिंता व्यक्त से अवगत कराया। इस फायरिंग की जद में भारत के झंडे वाले दो जहाज आए थे।”
“उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत व्यापारिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को कितना महत्व देता है, और याद दिलाया कि ईरान ने पहले भी भारत आने वाले कई जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने में मदद की थी।”
“व्यापारिक जहाजों पर गोलीबारी की इस गंभीर घटना पर अपनी चिंता दोहराते हुए, विदेश सचिव ने राजदूत से आग्रह किया कि वे भारत के विचारों को ईरान के अधिकारियों तक पहुंचाए, और होर्मुज स्ट्रेट से भारत आने वाले जहाजों को रास्ता देने की प्रक्रिया को जल्द से जल्द फिर से शुरू करें। ईरान के राजदूत ने इन विचारों को ईरानी अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।”
बता दें, शनिवार को यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) की ओर से वेबसाइट पर जारी चेतावनी के मुताबिक, ओमान के उत्तर-पूर्व में करीब 20 नॉटिकल मील दूरी पर गनबोट्स से हमला किया गया। टैंकर के मास्टर ने रिपोर्ट दी कि दो आईआरजीसी गनबोट्स बिना किसी वीएचएफ चेतावनी के करीब आईं और गोलीबारी शुरू कर दी। हालांकि, राहत की बात यह रही कि टैंकर और उसके चालक दल को कोई नुकसान नहीं हुआ।
विदेशी मीडिया ने बाद में बताया कि भारत का झंडा लगे दो जहाजों पर गोलीबारी हुई थी। इसमें—‘जग अर्णव’ और ‘सन्मार हेराल्ड’—शामिल थे। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘जग अर्णव’ पर फायरिंग की गई, जबकि दूसरा जहाज सुरक्षित रहा।
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