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भारत के विदेश मंत्री जयशंकर का श्रीलंका दौरा, शीर्ष नेतृत्व से होगी बातचीत

भारत ने 28 नवंबर को 'ऑपरेशन सागर बंधु' शुरू किया था। ऑपरेशन की शुरुआत खतरनाक तूफान के तुरंत बाद फर्स्ट रेस्पॉन्डर के तौर पर श्रीलंका को तुरंत मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) मदद देने के लिए थी।

 जयशंकर मंगलवार से श्रीलंका दौरा करेंगे जयशंकर मंगलवार से श्रीलंका दौरा करेंगे / IANS

तूफान दितवाह की वजह से हुई भारी तबाही के बाद से जारी राहत कार्यों के बीच भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष दूत के तौर पर श्रीलंका जाएंगे। श्रीलंका में एमईए जयशंकर वहां के शीर्ष नेतृत्व के साथ बातचीत करेंगे।  

विदेश मंत्रालय ने बताया, "यह दौरा भारत की पड़ोसी प्रथम नीति को दिखाता है और तूफान दितवाह से हुई तबाही से निपटने के लिए शुरू किए गए 'ऑपरेशन सागर बंधु' के संदर्भ में हो रहा है।"

भारत ने 28 नवंबर को 'ऑपरेशन सागर बंधु' शुरू किया था। ऑपरेशन की शुरुआत खतरनाक तूफान के तुरंत बाद फर्स्ट रेस्पॉन्डर के तौर पर श्रीलंका को तुरंत मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) मदद देने के लिए थी।

यह भी पढ़ें- यादगार 2025: पीएम मोदी ने इन देशों के वॉर मेमोरियल का किया दौरा, शहीदों को दी श्रद्धांजलि

इससे पहले भारत ने बाढ़ से प्रभावित श्रीलंका के अलग-अलग इलाकों में राहत का सामान पहुंचाया। 18 दिसंबर को, श्रीलंका में भारत के हाई कमिश्नर, संतोष झा ने कोलंबो के कोलोन्नावा इलाके और वट्टाला में भक्तिवेदांत चिल्ड्रन्स होम 'गोकुलम' का दौरा किया। तूफान की चपेट में आने से इन इलाकों में भारी तबाही मची थी।

श्रीलंका की मदद के लिए हाई कमिश्नर ने ऑल सीलोन सूफी स्पिरिचुअल एसोसिएशन के साथ मिलकर कोलोन्नावा में परिवारों के बीच और कोलंबो के इस्कॉन मंदिर में 'गोकुलम' के बच्चों के बीच हेल्प किट बांटीं।

इससे पहले, 14 दिसंबर को, भारतीय वायु सेना का सी-17 ग्लोबमास्टर विमान श्रीलंका पहुंचा। इसके जरिए 10 टन दवाइयां और 15 टन सूखा राशन श्रीलंका के लोगों के लिए पहुंचाया गया। इसके अलावा, भारतीय सेना ने जमीनी स्तर पर लोगों को स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने के लिए काम किया और जो कम्युनिकेशन का संपर्क टूट चुका था, उसकी जल्द से जल्द बहाली करने में मदद की। 

इसके अलावा, सड़कों और पुलों के जरिए जो आवाजाही बाधित हुई थी, उसे भी ठीक किया।

श्रीलंका में भारतीय हाई कमीशन ने एक बयान में कहा, "जरूरी रोड कनेक्टिविटी को ठीक करने की कोशिशें लगातार आगे बढ़ रही हैं। चिलाव और किलिनोच्ची में ब्रिज साइट्स पर तैयारी चल रही है, खराब किलिनोच्ची ब्रिज पूरी तरह से साफ हो गया है और बेली ब्रिज लगाने के लिए तैयार है, जिससे इलाके में आना-जाना आसान हो जाएगा और पहुंच बेहतर हो जाएगी।"

 

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