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भारत-कनाडा में खनिज और स्वच्छ ऊर्जा सहयोग की बड़ी संभावनाएं : पीयूष गोयल

गोयल ने कहा कि भारत–कनाडा संबंध भरोसे, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और विकास के प्रति प्रतिबद्धता पर आधारित हैं जो लगातार मजबूत हो रहे हैं।

 पीयूष गोयल पीयूष गोयल / @PiyushGoyalOffc

भारत और कनाडा ने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश बढ़ाने के लिए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की बातचीत को तेज करने पर सहमति जताई है। यह जानकारी केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को नई दिल्ली में इंडो-कनाडियन बिजनेस चैम्बर को संबोधित करते हुए दी।

गोयल ने कहा कि भारत को महत्वपूर्ण खनिज, खनिज संसाधन प्रसंस्करण तकनीक, स्वच्छ ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा और सप्लाई चेन विविधीकरण जैसे क्षेत्रों में कनाडा के साथ गहरी साझेदारी की गुंजाइश दिख रही है। उन्होंने बताया कि भारत एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, मशीन लर्निंग और नेक्स्ट-जेनरेशन डेटा सेंटर जैसी उभरती तकनीकों में मजबूत क्षमता रखता है और हर साल दुनिया के सबसे बड़े STEM ग्रेजुएट्स तैयार करता है।

गोयल ने कहा कि दोनों देशों की पूरक ताकतें कारोबार और निवेश के लिए बड़े अवसर बना रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत–कनाडा संबंध भरोसे, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और विकास के प्रति प्रतिबद्धता पर आधारित हैं जो लगातार मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि व्यापार, निवेश और नए क्षेत्रों में दोनों देशों की भागीदारी एक तय गति से बढ़ रही है।



गोयल ने हाल ही में हुए G20 शिखर सम्मेलन का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की मुलाकात में दोनों नेताओं ने एक उच्च-स्तरीय व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर बातचीत शुरू करने और 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने पर सहमति जताई। उन्होंने कहा कि CEPA दोनों देशों के बीच भरोसे को और गहरा करेगा और निवेशकों के लिए एक स्थिर ढांचा प्रदान करेगा।

मंत्री ने बताया कि भारत के 500 गीगावॉट के राष्ट्रीय पावर ग्रिड, जिसमें 250 गीगावॉट स्वच्छ ऊर्जा शामिल है, AI आधारित ढांचों के लिए मजबूत आधार देता है। उन्होंने कहा कि भारत 2030 तक स्वच्छ ऊर्जा क्षमता को 500 गीगावॉट तक बढ़ाने के लक्ष्य के साथ दुनिया के उन देशों में शामिल है जो 24 घंटे स्वच्छ ऊर्जा देने की क्षमता रखते हैं।

उन्होंने बताया कि इस महीने की शुरुआत में कनाडा की अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री के साथ हुई सातवीं मंत्रीस्तरीय वार्ता में दोनो देशों ने कारोबारी स्तर की भागीदारी बढ़ाने और द्विदिशा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों पर सहमति जताई। उन्होंने कहा कि कनाडाई पेंशन फंडों और अन्य निवेशकों की ओर से भारत में लगातार बढ़ता निवेश दोनों देशों के भरोसे को दर्शाता है।

गोयल ने कहा कि भारत की आर्थिक नींव आज बेहद मजबूत है और देश फ्रैजाइल फाइव से निकलकर दुनिया की शीर्ष 5 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत अगले 2 से 2.5 वर्षों में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। उन्होंने बताया कि कम मुद्रास्फीति, मजबूत बैंकिंग प्रणाली, ऊंचे विदेशी मुद्रा भंडार, तेजी से विकसित होता बुनियादी ढांचा और सक्रिय पूंजी बाजार ने भारत की आर्थिक स्थिति को और सुदृढ़ किया है। उनके अनुसार, पिछले 11 वर्षों में भारतीय शेयर बाज़ार लगभग साढ़े चार गुना बढ़ा है।

उन्होंने कहा कि भारत का विकास मॉडल स्थिर अर्थव्यवस्था, समावेशी और टिकाऊ विकास व ऐसी नीतियों पर आधारित है जिनसे देश के 140 करोड़ लोगों को लाभ मिले। उन्होंने बताया कि भारत की युवा, कुशल और आकांक्षी जनसंख्या आने वाले दशकों तक आर्थिक गति बनाए रखेगी।

अंत में गोयल ने कनाडाई कंपनियों को भारत की 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा में साझेदारी का निमंत्रण दिया और कहा कि भारत लंबे समय के निवेश के लिए स्थिर, पारदर्शी और अवसरों से भरा वातावरण प्रदान करता है। उन्होंने आशा जताई कि आने वाले वर्षों में भारत-कनाडा साझेदारी और मजबूत होगी।

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