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भारत और जर्मनी के बीच सेमीकंडक्टर और एआई समेत 27 अहम मुद्दों पर सहमति

द्विपक्षीय रक्षा औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने पर संयुक्त इरादे की घोषणा हुई।

भारत और जर्मनी में समझौते / IANS/X/@narendramodi

जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज दो दिवसीय दौरे पर भारत पहुंचे हुए हैं। भारत दौरे के पहले दिन उन्होंने गुजरात के अहमदाबाद में कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की। इस दौरान भारत और जर्मनी के बीच सेमीकंडक्टर और एआई समेत 27 अहम मुद्दों पर बात बनी है। भारत के विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी दी। 

द्विपक्षीय रक्षा औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने पर संयुक्त इरादे की घोषणा हुई।

मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के फोरम की स्थापना करके द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को मजबूत करने पर इरादे की संयुक्त घोषणा और एक संयुक्त भारत-जर्मनी आर्थिक और निवेश समिति के हिस्से के रूप में एकीकृत करने का फैसला हुआ।

भारत और जर्मनी के बीच सहयोग को नई ऊंचाई देने के लिए कई अहम समझौतों और संयुक्त आशय घोषणाओं पर सहमति बनी। सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम पार्टनरशिप को मजबूत करने पर संयुक्त इरादे की घोषणा की गई, वहीं महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने को लेकर भी संयुक्त आशय जाहिर किया गया।

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दूरसंचार क्षेत्र में सहयोग पर संयुक्त आशय की घोषणा के साथ-साथ राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (NIELIT) और इनफिनियॉन टेक्नोलॉजीज एजी के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान और जर्मनी की चैरिटे यूनिवर्सिटी के बीच एमओयू हुआ, जबकि पेट्रोलियम और नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड (PNGRB) और जर्मन टेक्निकल एंड साइंटिफिक एसोसिएशन फॉर गैस एंड वॉटर इंडस्ट्रीज (DVGW) के बीच भी समझौता ज्ञापन साइन किया गया।

ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाते हुए भारतीय कंपनी एएम ग्रीन और जर्मन कंपनी यूनिपर ग्लोबल कमोडिटीज के बीच ग्रीन अमोनिया ऑफटेक समझौता हुआ। इसके साथ ही जैव-अर्थव्यवस्था में अनुसंधान और विकास के लिए संयुक्त सहयोग पर आशय की घोषणा की गई।

इंडो-जर्मन साइंस एंड टेक्नोलॉजी सेंटर (IGSTC) के कार्यकाल को बढ़ाने पर जॉइंट डिक्लेरेशन ऑफ इंटेंट (JDI) हुआ, जबकि उच्च शिक्षा पर भारत-जर्मनी रोडमैप को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स की फेयर, एथिकल और सस्टेनेबल भर्ती के लिए ग्लोबल स्किल पार्टनरशिप की फ्रेमवर्क शर्तों पर JDI हुआ। इसके साथ ही हैदराबाद स्थित नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में रिन्यूएबल एनर्जी स्किलिंग के लिए नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने पर भी JDI किया गया।

लोथल, गुजरात में नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स (NMHC) के विकास के लिए भारत के बंदरगाह मंत्रालय और जर्मन मैरीटाइम म्यूज़ियम (DSM), ब्रेमरहेवन के बीच एमओयू साइन हुआ। वहीं खेल के क्षेत्र में सहयोग के लिए भी JDI की घोषणा की गई।

डाक सेवाओं में सहयोग को लेकर JDI घोषित की गई, जबकि डाक विभाग, संचार मंत्रालय और ड्यूश पोस्ट एजी के बीच अलग से JDI पर सहमति बनी।

हॉकी इंडिया और जर्मन हॉकी फेडरेशन (ड्यूशर हॉकी-बंड ईवी) के बीच यूथ हॉकी डेवलपमेंट पर एमओयू हुआ। इसके साथ ही भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए जर्मनी होकर वीज़ा-फ्री ट्रांजिट की घोषणा की गई।

रणनीतिक संवाद को मजबूत करने के लिए ट्रैक-1.5 विदेश नीति और सुरक्षा वार्ता की स्थापना की गई, जबकि इंडो-पैसिफिक पर द्विपक्षीय डायलॉग सिस्टम शुरू करने पर भी सहमति बनी।

डिजिटल सहयोग के तहत भारत-जर्मनी डिजिटल वार्ता की कार्य योजना (2025-2027) को अपनाया गया। इसके साथ ही ग्रीन एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट पार्टनरशिप (GSDP) के तहत 1.24 बिलियन यूरो की नई फंडिंग का ऐलान किया गया, जो रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को समर्थन देगी।

दुनिया भर में रिन्यूएबल एनर्जी निवेश को बढ़ावा देने के लिए भारत-जर्मनी प्लेटफॉर्म के तहत बैटरी स्टोरेज वर्किंग ग्रुप की शुरुआत हुई। वहीं भारत-जर्मनी त्रिकोणीय विकास सहयोग के तहत घाना, कैमरून और मलावी में परियोजनाओं के विस्तार पर सहमति बनी।

अंत में, भारत-जर्मनी संबंधों को स्थानीय स्तर पर और मजबूत करने के लिए अहमदाबाद में जर्मनी के मानद काउंसल का उद्घाटन किया गया।

 

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