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ब्रुकलिन दिल्ली ने आप्रवासी स्मृति को बना दिया अमेरिकी रसोई की मुख्य वस्तु

चित्रा अग्रवाल की भारतीय-अमेरिकी यात्रा ने एक मसाला ब्रांड को प्रेरित किया जो अमेरिकी रसोई में आप्रवासी स्मृतियां लेकर आता है।

  ब्रांड का विकास अग्रवाल की पहली पीढ़ी के भारतीय अमेरिकी के रूप में अपनी यात्रा को प्रतिबिंबित करता है। ब्रांड का विकास अग्रवाल की पहली पीढ़ी के भारतीय अमेरिकी के रूप में अपनी यात्रा को प्रतिबिंबित करता है। / Instagram/@Brooklyndelhi

जब चित्रा अग्रवाल ने 2014 में ब्रुकलिन दिल्ली की स्थापना की तो उनका लक्ष्य कोई राष्ट्रीय खाद्य ब्रांड बनाना नहीं था। वह अपने परिवार की प्रवासी कहानी को समझने की कोशिश कर रही थीं। एक बार में एक जार अचार।

अग्रवाल के माता-पिता 1967 में भारत से आकर यहां बस गए थे लिहाजा चित्रा दो दुनियाओं में संतुलन बनाते हुए बड़ी हुईं। अमेरिकी कक्षा और भारतीय रसोई। उन्होंने पहले के साक्षात्कारों में कहा है कि खाना ही वह माध्यम था जिससे मैं अपनी जड़ों से जुड़ी। यही जुड़ाव अंततः ब्रुकलिन दिल्ली की नींव बना, जिसकी स्थापना उन्होंने अपने साथी, कलाकार बेन बुकानन के साथ मिलकर की।

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