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वैश्विक रोबोटिक्स बूम: भारत ऑटोमेशन हॉटस्पॉट के रूप में उभरा, जानें इस बारे में

इस वृद्धि में एशिया का दबदबा है, जहां नए प्रतिष्ठानों का 74% हिस्सा है, जबकि यूरोप और अमेरिका क्रमशः 16% और 9% का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह वृद्धि बढ़ती श्रम लागत, दक्षता के लिए बढ़ते दबाव और डिजिटल तथा स्वचालित कारखानों की ओर बढ़ते वैश्विक रुझान के कारण है।

वैश्विक रोबोटिक्स बूम / unsplash


औद्योगिक रोबोटिक्स अब कोई विशिष्ट क्षेत्र नहीं रहा—यह वैश्विक विनिर्माण प्रतिस्पर्धा का एक केंद्रीय स्तंभ बन गया है। इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रोबोटिक्स (IFR) की विश्व रोबोटिक्स 2025 रिपोर्ट बताती है कि पिछले एक दशक में दुनिया भर में औद्योगिक रोबोटों की संख्या दोगुनी से भी ज़्यादा हो गई है, जो 2024 में 542,076 इकाइयों तक पहुँच गई है। लगातार चार वर्षों से वार्षिक तैनाती 500,000 इकाइयों से ऊपर बनी हुई है, जो एक अत्यधिक स्वचालित, डिजिटल रूप से संचालित औद्योगिक परिदृश्य की ओर बदलाव का संकेत है। इस वृद्धि में एशिया का दबदबा है, जहां नए प्रतिष्ठानों का 74% हिस्सा है, जबकि यूरोप और अमेरिका क्रमशः 16% और 9% का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह वृद्धि बढ़ती श्रम लागत, दक्षता के लिए बढ़ते दबाव और डिजिटल तथा स्वचालित कारखानों की ओर बढ़ते वैश्विक रुझान के कारण है।

 

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