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DPS ने की इंडो-अल्बानियाई डिस्कवरी चैलेंज की मेजबानी, 200 छात्र शामिल

इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालय स्तर पर सांस्कृतिक आदान-प्रदान और वैश्विक जागरूकता को बढ़ावा देना था।

इंडो-अल्बानियाई डिस्कवरी चैलेंज डीपीएस मथुरा रोड की भारतीय कक्षाओं में वैश्विक शिक्षा लेकर आया है। / Courtesy Photo

दिल्ली पब्लिक स्कूल, मथुरा रोड ने अल्बानिया गणराज्य के वाणिज्य दूतावास के सहयोग से 17 जनवरी को इंडो-अल्बानियन डिस्कवरी चैलेंज का आयोजन किया। इसमें दिल्ली के 30 से अधिक स्कूलों के 200 से अधिक छात्रों ने एक साथ आकर क्विज-आधारित प्रारूप के माध्यम से वैश्विक दृष्टिकोणों को सीखा, साझा किया और उनका अन्वेषण किया।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालय स्तर पर सांस्कृतिक आदान-प्रदान और वैश्विक जागरूकता को बढ़ावा देना था। इस चैलेंज का उद्देश्य छात्रों को अल्बानिया, उसकी संस्कृति और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के व्यापक विचार के बारे में अधिक जानने के लिए प्रोत्साहित करना था।

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इस अवसर पर कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे, जिनमें भारत में अल्बानिया के महावाणिज्यदूत, सीबीएसई बोर्ड प्रबंधन के सदस्य और दिल्ली पब्लिक स्कूल, मथुरा रोड के प्रधानाचार्य राम सिंह शामिल थे, जो समकालीन शिक्षा में वैश्विक अनुभव के बढ़ते महत्व को उजागर करते हैं।

इस पहल पर बोलते हुए भारत में अल्बानिया के महावाणिज्यदूत दिक्षु सी. कुकरेजा ने कहा कि कम उम्र में ही छात्रों को शिक्षा से जोड़ना, देशों के बीच संबंध मजबूत करने का सबसे सार्थक तरीका है।

भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी आनंद प्रकाश भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे, जिन्होंने भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने में जन-जन संपर्क और शैक्षिक कूटनीति के महत्व पर जोर दिया। कार्यक्रम का समापन छात्रों और गणमान्य व्यक्तियों के बीच संवाद के साथ हुआ।

भारत-अल्बानियाई डिस्कवरी चैलेंज को वैश्विक जागरूकता से भरे छात्रों को तैयार करने और भारत और अल्बानिया के बीच जन-जन संपर्क को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना गया।

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