सांकेतिक तस्वीर / Canada Immigration
कनाडा सरकार ने नागरिकता से जुड़ा एक अहम संशोधित कानून लागू कर दिया है। इससे खासतौर पर भारतीय मूल के कई कनाडाई परिवारों को बड़ी राहत मिली है। बिल C-3 जिसे Citizenship Act में संशोधन कहा गया है अब औपचारिक रूप से लागू हो चुका है।
इस नए कानून के तहत अब ऐसे कनाडाई माता-पिता जो खुद कनाडा के बाहर जन्मे या गोद लिए गए हैं अपने बच्चों को भी नागरिकता दे सकेंगे। शर्त यह है कि माता-पिता ने बच्चे के जन्म या गोद लेने से पहले कम से कम तीन साल कनाडा में रहकर जीवन बिताया हो।
इस कानून ने उस पुराने नियम को खत्म कर दिया है, जिसे फर्स्ट जेनरेशन लिमिट कहा जाता था।
इस सीमा के कारण विदेश में जन्मे बच्चों को नागरिकता नहीं मिल पाती थी। नए कानून में यह भी कहा गया है कि 15 दिसंबर 2025 से पहले जन्मे ऐसे लोग जिन्हें पुराने नियम की वजह से नागरिकता नहीं मिल सकी थी अब उन्हें स्वतः कनाडाई नागरिक माना जाएगा। वे अब नागरिकता के प्रमाण के लिए आवेदन कर सकते हैं।
कनाडा की इमिग्रेशन, रिफ्यूजी और सिटिजनशिप मंत्री लेना मेटलेज दीआब ने कहा कि यह बदलाव आज के समय की पारिवारिक सच्चाइयों को समझते हुए किया गया है। उन्होंने कहा कि कई कनाडाई नागरिक पढ़ाई, नौकरी, यात्रा या पारिवारिक कारणों से विदेश जाते हैं लेकिन उनका कनाडा से जुड़ाव बना रहता है।
मंत्री के मुताबिक यह कानून कनाडा और विदेश में बसे कनाडाइयों के रिश्ते को और मजबूत करता है और देश के मूल्यों को दोबारा स्थापित करता है। यह संशोधन उन परिवारों के लिए एक बड़ी राहत माना जा रहा है, जो लंबे समय से नागरिकता से जुड़े नियमों में बदलाव की मांग कर रहे थे।
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