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बॉन्डी बीच गोलीकांड: हैदराबाद से नाता था लेकिन परिवार से वर्षों से संपर्क नहीं

तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक बी शिवधर रेड्डी ने बताया कि साजिद अकरम के खिलाफ भारत में रहते समय कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।

हमले की फुटेज / JENNY/via REUTERS

ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बॉन्डी बीच पर हुए सामूहिक गोलीकांड में शामिल आरोपी साजिद अकरम का संबंध हैदराबाद से बताया गया है। लेकिन पुलिस के अनुसार वह पिछले कई वर्षों से अपने परिवार के संपर्क में नहीं था।

तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक बी शिवधर रेड्डी ने बताया कि साजिद अकरम के खिलाफ भारत में रहते समय कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। वह वर्ष 1998 में ऑस्ट्रेलिया चला गया था।

डीजीपी ने स्पष्ट किया कि साजिद अकरम और उसके बेटे नवेद अकरम के कट्टरपंथी बनने के पीछे भारत या तेलंगाना से जुड़ा कोई कारण सामने नहीं आया है। उन्होंने मीडिया और जनता से अपील की कि बिना पुष्टि के किसी तरह की अटकलें न लगाएं।

रविवार को बॉन्डी बीच पर एक सार्वजनिक हनुक्का समारोह के दौरान हुई गोलीबारी में 16 लोगों की मौत हुई। मृतकों में एक हमलावर भी शामिल है। इस हमले को अंजाम देने वाले दोनों आरोपी साजिद अकरम (50) और उसका बेटा नवेद अकरम (24) थे।

ऑस्ट्रेलियाई एजेंसियां इस मामले की जांच कर रही हैं। प्रारंभिक रिपोर्टों में दावा किया गया है कि वे आईएसआईएस की विचारधारा से प्रेरित थे। पुलिस के अनुसार साजिद अकरम ने हैदराबाद से बी.कॉम की पढ़ाई की थी। नवंबर 1998 में वह नौकरी की तलाश में ऑस्ट्रेलिया गया। वहां उसने यूरोपीय मूल की महिला वेनेरा ग्रोसो से शादी की। उनके दो बच्चे हैं, एक बेटा और एक बेटी।

साजिद अकरम के पास अब भी भारतीय पासपोर्ट है। उसके दोनों बच्चे ऑस्ट्रेलिया में जन्मे हैं और ऑस्ट्रेलियाई नागरिक हैं। पुलिस ने बताया कि पिछले 27 वर्षों में साजिद अकरम का हैदराबाद स्थित परिवार से बहुत सीमित संपर्क रहा। वह केवल छह बार भारत आया और वह भी पारिवारिक कारणों से जैसे संपत्ति से जुड़े काम या बुजुर्ग माता-पिता से मिलने।

यह भी सामने आया कि वह अपने पिता के निधन के समय भी भारत नहीं आया था। परिवार के सदस्यों ने कहा कि उन्हें उसके किसी कट्टरपंथी विचार या गतिविधियों की जानकारी नहीं थी। तेलंगाना पुलिस ने कहा कि वह जरूरत पड़ने पर केंद्रीय एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करेगी। यह घटना एक बार फिर वैश्विक स्तर पर कट्टरपंथ और हिंसा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।

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