कार्तिक शेखर / University of California, Berkeley
भारतीय मूल के वैज्ञानिक कार्तिक शेखर को 2026 का कैमिल ड्रेफस टीचर-स्कॉलर सम्मान दिया गया है। यह सम्मान द कैमिल और हेनरी ड्रेफस फाउंडेशन द्वारा दिया जाता है जिसने इस साल इस पुरस्कार के 17 नए विजेताओं की घोषणा की।
कार्तिक शेखर बर्केले की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया में केमिकल और बायोमॉलिक्यूलर इंजीनियरिंग के प्रोफेसर हैं। जिस परियोजना के लिए उन्हें सम्मान देने की घोषणा की गई है उसका शीर्षक द कैमिकल फिजिक्स ऑफ बायोइलेक्ट्रिसिटी: फ्रॉम आयन चैनल टू इमर्जेंट एक्साइटेबिलिटी है। यह पुरस्कार रासायनिक विज्ञान के शुरुआती करियर वाले शिक्षकों को दिया जाता है जिन्होंने अपने क्षेत्र में स्वतंत्र शोध कार्य स्थापित किया हो और स्नातक छात्रों की शिक्षा के प्रति मजबूत समर्पण दिखाया हो।
हर विजेता को 1 लाख डॉलर का बिना किसी प्रतिबंध वाला शोध अनुदान दिया जाता है। विश्वविद्यालय प्रोफाइल के अनुसार शेखर एक केमिकल इंजीनियर और कम्प्यूटेशनल बायोलॉजिस्ट हैं जिनका काम न्यूरोसाइंस और बायोफिजिक्स के बीच के क्षेत्र में आता है।
वे विशेष रूप से सिंगल-सेल ट्रांसक्रिप्टोमिक तरीकों को विकसित करने के लिए जाने जाते हैं जिनकी मदद से मस्तिष्क और रेटिना जैसे जटिल ऊतकों में कोशिकाओं की विविधता को समझा जाता है। उनका वर्तमान शोध दो मुख्य क्षेत्रों पर केंद्रित है। पहला क्षेत्र सिंगल-सेल जीनोमिक्स और कम्प्यूटेशनल तरीकों के माध्यम से न्यूरल सर्किट्स के विकास और उनके बदलाव के आणविक आधार को समझना है।
दूसरा क्षेत्र बायोइलेक्ट्रिसिटी यानी जैव-विद्युत के पीछे काम करने वाले तंत्रों का अध्ययन करता है, जिसमें झिल्ली (membrane) के स्तर पर चार्ज की गति और इलेक्ट्रोमैकेनिक्स को सैद्धांतिक और कम्प्यूटेशनल तरीकों से समझा जाता है।
आपको बताएं कि बर्कले में शेखर हेलेन विल्स न्यूरोसाइंस संस्थान के सदस्य भी हैं। इसके अलावा वह कम्प्यूटेशनल बायोलॉजी, बायोफिजिक्स और विजन साइंस से जुड़े स्नातकोत्तर समूहों से भी जुड़े हुए हैं। उन्हें पढ़ाई और शोध दोनों क्षेत्रों में कई सम्मान मिल चुके हैं।
इनमें 2025 में यूसी बर्कले का पोस्टडॉक्टोरल मार्गदर्शन में उत्कृष्टता के लिए संकाय पुरस्कार और 2023 में अंडरग्रेजुएट शिक्षण में उत्कृष्टता के लिए डोनाल्ड स्टर्लिंग नोइस पुरस्कार शामिल हैं। उन्हें 2022, 2023 और 2025 में विभागीय शिक्षण पुरस्कार भी मिले। अन्य सम्मानों में 2023 का न्यूरोसाइंस में मैकनाइट स्कॉलर पुरस्कार और 2024 में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुंबई से मिला युवा पूर्व-छात्र उपलब्धि पुरस्कार भी शामिल है।
कैमिल ड्रेफस टीचर-स्कॉलर पुरस्कार 1970 में शुरू किया गया था ताकि रासायनिक विज्ञान के युवा शिक्षकों के शोध और शिक्षण करियर को समर्थन दिया जा सके। यह पुरस्कार हर साल दिया जाता है और 2019 में इसकी अनुदान राशि 75,000 डॉलर से बढ़ाकर 1 लाख डॉलर कर दी गई थी।
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