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बांग्लादेश में कट्टरपंथियों ने की नृशंसता की हद पार, हिंदू युवक की हत्या कर शव जलाया

युवक पर इस्लाम का अपमान करने का आरोप था। इससे भी भयावह यह है कि युवक की हत्या के बाद उसके शव को आग लगा दी गई।

प्रतीकात्मक तस्वीर / IANS

बांग्लादेश में जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, हालात दयनीय होते जा रहे हैं। हिंसा और अराजकता की स्थिति चरमसीमा पार कर चुकी है। हत्या और आगजनी की घटनाएं देखने को मिल रही हैं। बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा में भी इजाफा हुआ है। मयमनसिंह जिले के भालुका उपजिला में भीड़ ने एक हिंदू युवक की हत्या कर दी।  

स्थानीय मीडिया के अनुसार युवक पर इस्लाम का अपमान करने का आरोप था। इससे भी भयावह यह है कि युवक की हत्या के बाद उसके शव को आग लगा दी गई।

इस घटना के बाद से इलाके में तनाव बढ़ गया। इसकी वजह से ढाका-मैमनसिंह हाईवे पर कुछ देर के लिए ट्रैफिक रोक दिया गया। यह हिंसा गुरुवार रात को उपजिला के स्क्वायर मास्टरबाड़ी इलाके में पायनियर निट कम्पोजिट फैक्ट्री में हुई।

मरने वाले हिंदू युवक की पहचान दीपू चंद्र दास (30) के तौर पर हुई है। दीपू फैक्ट्री में काम करता था और मैमनसिंह के तारकंडा उपजिला का रहने वाला था।

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स्थानीय सूत्रों के हवाले से, बांग्लादेशी बंगाली मीडिया आउटलेट बार्टा बाजार ने बताया कि दीपू पर वर्ल्ड अरेबिक लैंग्वेज डे पर फैक्ट्री में हुए एक इवेंट के दौरान इस्लाम और पैगंबर मुहम्मद के बारे में गलत कमेंट करने का आरोप था। गुस्साई भीड़ ने उसे पीटा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

रिपोर्ट्स के अनुसार, युवक की मौत के बाद हालात और खराब हो गए। भीड़ शव को स्क्वायर मास्टरबाड़ी बस स्टैंड इलाके में ले गई, उसे रस्सी से एक पेड़ से बांध दिया और नारे लगाते हुए उसमें आग लगा दी। हिंसा और कट्टरपंथ की ये कहानी यहीं खत्म नहीं हुई।

मानवता को शर्मसार करने वाली इस घटना में भीड़ ने शव को ढाका-मैमनसिंह हाईवे पर ले जाकर फिर से उसमें आग लगा दी, जिससे ट्रैफिक में रुकावट आई और स्थानीय लोगों में डर फैल गया।

भालुका उपजिला के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर मोहम्मद फिरोज हुसैन ने कहा कि पैगंबर का अपमान करने के आरोप में एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई।

बांग्लादेश के पूर्व मंत्री और अवामी लीग के नेता मोहम्मद अली अराफात ने इस घटना की कड़ी निंदा की और कहा कि अंतरिम सरकार के चीफ एडवाइजर मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में बांग्लादेश लगातार बड़े पैमाने पर कट्टरपंथ की ओर बढ़ रहा है।

 

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