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ANZ-डीकिन यूनिवर्सिटी की भारत में नई पहल, प्रतिभा विकास और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा

यह गठबंधन ANZ के भारत के बैंकिंग सेक्टर में चार दशकों के अनुभव पर आधारित है।

 ऑस्ट्रेलिया एंड न्यूजीलैंड बैंकिंग ग्रुप लिमिटेड का मुख्यालय ऑस्ट्रेलिया एंड न्यूजीलैंड बैंकिंग ग्रुप लिमिटेड का मुख्यालय / Image - Wikipedia

मेलबर्न स्थित बहुराष्ट्रीय वित्तीय सेवा कंपनी ऑस्ट्रेलिया एंड न्यूजीलैंड बैंकिंग ग्रुप लिमिटेड (ANZ) ने भारत में डीकिन यूनिवर्सिटी के साथ साझेदारी का ऐलान किया है। इस साझेदारी का उद्देश्य व्यापार, शिक्षा एवं उभरती प्रौद्योगिकियों में भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच सीमा-पार सहयोग को मजबूत बनाना है।  

यह गठबंधन ANZ के भारत के बैंकिंग सेक्टर में चार दशकों के अनुभव पर आधारित है। इसका लक्ष्य भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान और प्रतिभा विकास को बढ़ावा देना है। 

इस साझेदारी के तहत इंडस्ट्री लीडर्स, पॉलिसी मेकर्स और शिक्षाविदों के लिए एक मंच तैयार किया जाएगा जहां वैश्विक आर्थिक रुझान, नेतृत्व व नवाचार पर चर्चा हो सकेगी। यह प्रोग्राम कौशल विकास को आसान बनाने के लिए एग्जिक्यूटिव एजुकेशन, स्टूडेंट इंटर्नशिप और एडवाइजरी प्रोग्राम पर भी फोकस करेगा।  

ANZ के साउथ ईस्ट एशिया, भारत व मध्य-पूर्व के प्रमुख मार्क इवांस ने भारत के प्रति बैंक की रणनीतिक प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए कहा कि भारत ANZ के लिए रणनीतिक रूप से एक महत्वपूर्ण बाजार है। बैंक यहां लगातार महत्वपूर्ण निवेश कर रहा है। 

उन्होंने आगे कहा कि डीकिन यूनिवर्सिटी के साथ यह सहयोग प्रतिभा विकास एवं औद्योगिक साझेदारी के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है ताकि अगली पीढ़ी के अगुआ आने वाले अवसरों के लिए अच्छी तरह तैयार हो सकें।

डीकिन यूनिवर्सिटी के वाइस प्रेसिडेंट (ग्लोबल एंगेजमेंट) व सीईओ (साउथ एशिया) रवनीत पहवा ने भारत के प्रति संस्थान की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ANZ के साथ यह सहयोग व्यापारिक नवाचार, प्रतिभा विकास एवं उभरती टेक्नोलोजी में नेतृत्व को बढ़ावा देने के हमारे मिशन को आगे बढ़ाता है। 

उन्होंने कहा कि हम शिक्षा और उद्योग के बीच सेतु बनाकर ऐसे अवसर सृजित करना चाहते हैं जो वास्तविक दुनिया में प्रभाव डाल सकें। यह साझेदारी शिक्षा और उद्योग के बीच की खाई को पाटने का प्रयास करेगी ताकि असल दुनिया में अवस तैयार किए जा सके।  

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