अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प / IANS
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में वेनेजुएला पर हमला करने और उसके राष्ट्रपति को कब्जे में लेने के बाद से दुनिया को परेशानी में डाल दिया है। हर तरफ इस बात पर चर्चा हो रही है कि वेनेजुएला के बाद आखिर ट्रम्प सरकार की किस देश पर नजर है। अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम के हालिया बयान के बाद यह तस्वीर थोड़ी साफ होती नजर आ रही है। वहीं, ट्रम्प के एक फैसले के बाद से इस बात पर भी चर्चा हो रही है कि अमेरिकी राष्ट्रपति बड़े युद्ध की तैयारी कर रहे हैं।
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को 2027 के लिए पेंटागन का बजट 50% बढ़ाकर रिकॉर्ड 1.5 ट्रिलियन डॉलर (करीब 120 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा) करने का प्रस्ताव रखा है। 2026 में अमेरिकी सेना का बजट 901 अरब डॉलर है। अब ट्रम्प के इस प्रस्ताव के बाद अमेरिकी राजनीतिक विश्लेषक का मानना है कि किसी बड़े युद्ध की तैयारी की जा रही है। यही कारण है कि पेंटागन के बजट में 50 फीसदी बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया है।
अमेरिकी राजनीतिक टिप्पणीकार टकर कार्लसन ने कहा, “अमेरिका बड़े युद्ध की तैयारी कर रहा है। यह उस तरह का बजट है जो कोई देश वैश्विक या क्षेत्रीय युद्ध की आशंका करता है तो उसकी मिलिट्री के लिए होता है। जाहिर है, हम विश्व युद्ध की दिशा में बढ़ रहे हैं।”
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बजट को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, "सीनेटरों, कांग्रेस के सदस्यों, सेक्रेटरी और दूसरे पॉलिटिकल रिप्रेजेंटेटिव के साथ लंबी और मुश्किल बातचीत के बाद, मैंने तय किया है कि हमारे देश की भलाई के लिए, खासकर इन बहुत मुश्किल और खतरनाक समय में, साल 2027 के लिए हमारा सैन्य बजट 1 ट्रिलियन डॉलर नहीं, बल्कि 1.5 ट्रिलियन डॉलर होना चाहिए। इससे हम वह 'सपनों की सेना' बना पाएंगे जिसके हम लंबे समय से हकदार हैं और, इससे भी जरूरी बात यह है कि यह हमें दुश्मन की परवाह किए बिना सुरक्षित रखेगा।"
अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा कि अगर दूसरे देशों के टैरिफ की वजह से इतने बड़े आंकड़े न होते, जिनमें से कई ने पहले कभी नहीं देखे गए स्तर पर अमेरिका को लूटा है, तो मैं 1 ट्रिलियन डॉलर के नंबर पर ही रहता, लेकिन टैरिफ और उनसे मिलने वाली जबरदस्त इनकम की वजह से, इतनी रकम पैदा हो रही है जिसके बारे में पहले सोचा भी नहीं जा सकता था। खासकर सिर्फ एक साल पहले, जब हमारे देश के इतिहास के सबसे बुरे राष्ट्रपति, जो बाइडेन की सुस्त सरकार थी।
उन्होंने आगे कहा कि हम आसानी से 1.5 ट्रिलियन डॉलर का आंकड़ा छू सकते हैं, साथ ही, एक बेमिसाल सैन्य बल भी बना सकते हैं, और साथ ही, कर्ज चुका सकते हैं, और इसी तरह, अपने देश के मीडियम इनकम वाले देशभक्तों को अच्छा-खासा डिविडेंड भी दे सकते हैं।
दूसरी ओर अमेरिकी सीनेटर ग्राहम ने एक्स पर जानकारी दी है कि ट्रम्प ने रूस के लिए बाइपार्टिसन बैन बिल को मंजूरी दे दी है। इसके तहत रूस, भारत, चीन, और ब्राजील जैसे देशों पर 500 फीसदी टैरिफ लगाया जा सकता है।
ग्राहम ने एक्स पोस्ट में कहा, "आज राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ कई मुद्दों पर बहुत अच्छी मीटिंग के बाद, उन्होंने रूस के लिए बाइपार्टिसन बैन बिल को हरी झंडी दे दी, जिस पर मैं सीनेटर ब्लूमेंथल और कई दूसरे लोगों के साथ महीनों से काम कर रहा था। यह सही समय पर होगा, क्योंकि यूक्रेन शांति के लिए रियायतें दे रहा है और पुतिन सिर्फ बातें कर रहे हैं, बेगुनाहों को मार रहे हैं।"
उन्होंने आगे लिखा, "यह बिल राष्ट्रपति ट्रम्प को उन देशों को सजा देने की इजाजत देगा जो पुतिन की वॉर मशीन को चलाने के लिए सस्ता रूसी तेल खरीदते हैं। यह बिल राष्ट्रपति ट्रम्प को चीन, भारत और ब्राजील जैसे देशों के खिलाफ जबरदस्त बढ़त देगा ताकि वे सस्ता रूसी तेल खरीदना बंद कर दें, जिससे यूक्रेन के खिलाफ पुतिन के खून-खराबे के लिए फंडिंग मिलती है। मुझे उम्मीद है कि अगले हफ्ते तक एक मजबूत बाइपार्टिसन वोट होगा।"
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