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CA-14 के सामने साफ विकल्प: राखी इसरानी या आयशा वहाब?

CA-14 में ईस्ट बे के वे शहर आते हैं जो बे एरिया की सबसे बड़ी समस्याओं से जूझ रहे हैं — फ्रेमोंट, हेवर्ड, यूनियन सिटी, सैन लिआंड्रो, लिवरमोर, प्लेजेंटन और डबलिन के कुछ हिस्से। यहां घरों की कीमतें इतनी बढ़ चुकी हैं कि नर्स, शिक्षक और लैब में काम करने वाले लोग भी अपने शहर में रह नहीं पा रहे।

सांकेतिक तस्वीर / Wikipedia

यह वह साल है जब अमेरिका अपनी 250वीं वर्षगांठ मना रहा है। यह सिर्फ जश्न मनाने का समय नहीं, बल्कि यह सोचने का समय भी है कि देश किस दिशा में जा रहा है। हाल ही में आए गैलप सर्वे के मुताबिक, केवल एक-तिहाई मतदाता खुद को किसी बड़ी राजनीतिक पार्टी से जोड़ते हैं। बाकी लोग या तो स्वतंत्र हैं या राजनीति से दूरी बना चुके हैं। यह दूरी उदासीनता नहीं, बल्कि व्यवस्था से निराशा का संकेत है। और यही भावना सबसे ज्यादा कैलिफोर्निया के 14वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट में दिखाई दे रही है, जहां मतदाताओं के सामने नेतृत्व के दो बिल्कुल अलग मॉडल हैं।

CA-14 में ईस्ट बे के वे शहर आते हैं जो बे एरिया की सबसे बड़ी समस्याओं से जूझ रहे हैं — फ्रेमोंट, हेवर्ड, यूनियन सिटी, सैन लिआंड्रो, लिवरमोर, प्लेज़ेंटन और डबलिन के कुछ हिस्से। यहां घरों की कीमतें इतनी बढ़ चुकी हैं कि नर्स, शिक्षक और लैब में काम करने वाले लोग भी अपने शहर में रह नहीं पा रहे। पब्लिक ट्रांसपोर्ट लगातार फंड की कमी से जूझ रहा है। परिवार दवाइयों के खर्च से परेशान हैं। किशोर बच्चे कॉलेज पहुंचने से पहले ही मानसिक दबाव से टूट रहे हैं। यही वे मुद्दे हैं जिन्हें कांग्रेस को हल करना चाहिए।

2 जून से पहले मतदाताओं को यह ईमानदारी से देखना चाहिए कि इन समस्याओं को हल करने की क्षमता किसमें है।

आयशा वहाब 2022 से सीनेट डिस्ट्रिक्ट 10 का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। वह ऐसे मुद्दों के साथ राजनीति में आई थीं जो CA-14 के लोगों से सीधे जुड़े थे - बढ़ते किराए, टूटी हुई इमिग्रेशन व्यवस्था और कामकाजी परिवारों की समस्याएं। लेकिन चार साल बाद उनका रिकॉर्ड कई सवाल खड़े करता है।

SB 466: हाउसिंग बिल जो असफल हो गया

2023 में वहाब ने SB 466 नाम का बिल पेश किया, जिसका निशाना कैलिफोर्निया का कोस्टा-हॉकिन्स रेंटल हाउसिंग एक्ट था। इस बिल के जरिए ज्यादा मकानों को रेंट कंट्रोल के दायरे में लाने की कोशिश की गई थी, जिनमें 2008 तक बने घर भी शामिल थे। कैलिफोर्निया अपार्टमेंट एसोसिएशन ने इसे 'एंटी-हाउसिंग रेंट कंट्रोल बिल' बताया और कहा कि इससे नए घरों का निर्माण कम होगा और हाउसिंग संकट और बढ़ेगा। बिल्डरों ने चेतावनी दी कि इससे नए निर्माण पर असर पड़ेगा, जबकि ईस्ट बे को पहले से ही और ज्यादा घरों की जरूरत है।

जब यह बिल सीनेट में पहुंचा, तो इसे सिर्फ 15 वोट मिले, जबकि पास होने के लिए 21 वोट चाहिए थे। फरवरी 2024 में यह बिल खत्म हो गया और कभी कानून नहीं बन पाया। वहाब ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि राज्य 'डेवलपमेंट, डेवलपमेंट, डेवलपमेंट' पर ज्यादा ध्यान दे रहा है और उन्होंने मार्केट-रेट हाउसिंग को लेकर भी संदेह जताया था। लेकिन कई हाउसिंग विशेषज्ञ मानते हैं कि ईस्ट बे में महंगाई की सबसे बड़ी वजह घरों की कमी है, न कि रेंट कंट्रोल की कमी।

SB 403: ऐसा बिल जिसने समुदायों को बांट दिया

वहाब ने SB 403 नाम के कास्ट डिस्क्रिमिनेशन बिल का भी समर्थन किया था। यह बिल इक्वालिटी लैब्स द्वारा प्रायोजित था। इक्वालिटी लैब्स के नेतृत्व द्वारा हिंदू समुदाय को लेकर की गई कुछ टिप्पणियों को भारतीय-अमेरिकी हिंदुओं के बड़े हिस्से ने अपमानजनक माना। चाहे कोई जाति आधारित भेदभाव पर किसी भी तरह की राय रखता हो, लेकिन जिस तरीके से यह बिल आगे बढ़ाया गया, उससे समुदायों के बीच भरोसा टूटा। अच्छी राजनीति का मतलब गठबंधन बनाना होता है, उन्हें तोड़ना नहीं। SB 403 ने दूसरा रास्ता चुना।

राखी इसरानी: अलग तरह के नेतृत्व की दावेदार

राखी इसरानी खुद को वैचारिक योद्धा के रूप में पेश नहीं करतीं। वह एक वकील हैं, पब्लिक इंटरेस्ट लॉ में काम कर चुकी हैं, गैर-लाभकारी संस्थाओं से जुड़ी रही हैं, चार किशोर बच्चों की मां हैं और पिछले 20 साल से ईस्ट बे समुदाय का हिस्सा हैं। वह सांता क्लारा सुपीरियर कोर्ट में अस्थायी जज भी हैं। और सबसे अहम बात — वह करियर राजनेता नहीं हैं। आज के दौर में यह खुद एक बड़ी योग्यता बन चुकी है। उनका अभियान पांच मुख्य मुद्दों पर केंद्रित है। परिवारों के खर्च कम करना, वॉशिंगटन में जवाबदेही लाना, मजबूत अर्थव्यवस्था बनाना, टूटी इमिग्रेशन व्यवस्था को सुधारना और समुदायों को सुरक्षित रखना। यही वे मुद्दे हैं जो CA-14 के लोग हर टाउन हॉल, हर चर्चा और हर परिवार की बातचीत में उठाते हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं पर

डॉ. मिहिर मेघानी ने उनके एक प्रचार वीडियो में कहा कि एक डॉक्टर होने के नाते मेरा दिल टूट जाता है जब मैं मरीजों को इलाज टालते देखता हूं। वे पूछते हैं अभी क्या जरूरी है और क्या बाद में किया जा सकता है? इसरानी मेडिकेयर द्वारा दवाइयों की कीमत सीधे तय करने, अस्पताल और बीमा कंपनियों के एकाधिकार को चुनौती देने, कनाडा जैसे देशों से सुरक्षित दवाइयां लाने और डेंटल, विजन और सुनने से जुड़ी सुविधाओं को स्वास्थ्य कवरेज में शामिल करने का समर्थन करती हैं।

हाउसिंग पर

इसरानी कहती हैं कि मैंने कामकाजी परिवारों को उन्हीं समुदायों से बाहर होते देखा है जिन्हें बनाने में उनका योगदान रहा। उनकी योजना ट्रांजिट और नौकरी वाले इलाकों के पास ज्यादा घर बनाने, निर्माण में सरकारी अड़चनें कम करने, लो-इनकम हाउसिंग टैक्स क्रेडिट बढ़ाने और कामकाजी परिवारों के लिए घर खरीदना आसान बनाने पर आधारित है। वह किराएदारों को गलत तरीकों से बचाने का समर्थन करती हैं, लेकिन साथ ही ज्यादा घर बनाने पर भी जोर देती हैं।

जवाबदेही पर

इसरानी कांग्रेस सदस्यों के स्टॉक ट्रेडिंग पर रोक, कार्यकाल सीमा और न्यायपालिका की स्वतंत्रता की पक्षधर हैं। यह ऐसे मुद्दे हैं जिन पर बोलना आसान नहीं, क्योंकि इससे वही राजनीतिक व्यवस्था प्रभावित होती है जिसका फायदा मौजूदा नेता उठाते हैं। उन्हें सांता क्लारा काउंटी के डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी जेफ रोज़ेन और कांग्रेस सदस्य केविन मुलिन का समर्थन मिला है।

युवाओं पर ध्यान

इसरानी ने फ्रेमोंट के छात्रों से सीधे बातचीत की और उनकी मानसिक थकान, असफलता के डर और भविष्य की चिंता को गंभीरता से सुना। एक छात्र ने कहा कि काश छात्रों को उनकी उपलब्धियों से ज्यादा, उनके व्यक्तित्व के लिए महत्व दिया जाता। यह छोटी बात नहीं है कि कोई कांग्रेस उम्मीदवार इन बातों पर ध्यान दे रहा है और खुलकर इनके बारे में बोल रहा है।

चुनाव का फैसला

एक उम्मीदवार के पास चार साल का राजनीतिक अनुभव है, लेकिन साथ ही दो बड़े विधायी असफलताएं भी हैं - एक हाउसिंग बिल जो 15-21 वोटों से हार गया और एक कास्ट बिल जिसने समुदायों को जोड़ने की बजाय बांट दिया। दूसरी उम्मीदवार के पास कानूनी अनुभव, सामुदायिक जुड़ाव और गठबंधन बनाने की क्षमता है। और उन्हें अपने राजनीतिक करियर को बचाने के लिए किसी विफल रिकॉर्ड का बचाव नहीं करना पड़ता।

राखी इसरानी कहती हैं कि अच्छी नीति सुनने से शुरू होती है। आज की राजनीति में यह एक साधारण नहीं, बल्कि बेहद महत्वपूर्ण विचार बन चुका है। ईस्ट बे के परिवार, नर्स, शिक्षक और युवा ऐसे प्रतिनिधि के हकदार हैं जो समझदारी से काम करे और फैसले लेने से पहले लोगों की सुने। 2 जून को CA-14 के मतदाताओं के पास ऐसा विकल्प मौजूद है।

लेखक यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, इरविन में एसोसिएट प्रोफेसर हैं।

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