वाशिंगटन डीसी के ड्यूपॉन्ट सर्कल में भारतीय दूतावास ने होली उत्सव का आयोजन किया। / Image : Roshn Marwah
भारतीय प्रवासियों ने दुनिया भर में भारतीय परंपराओं, रीति रिवाजों और त्योहारों को ग्लोबल बना दिया है। आज भारतीय नृत्य, गीत, संगीत और त्योहार दुनिया की मुख्यधारा की संस्कृति का हिस्सा बन चुके हैं।
एक पीढ़ी पहले अमेरिका में भारतीय संस्कृति की उपस्थिति न के बराबर थी। थी भी तो उसे गलत तरीके से दिखाया जाता था। लेकिन आज "मेरे स्कूल में दिवाली की छुट्टी है" जैसे वाक्य हैरान नहीं करते।
संस्कृति का व्यापक वैश्वीकरण साफ है लेकिन निजी स्तर पर इसे छोटे-छोटे खुशनुना पलों में अनुभव किया जाता है। होली को लेकर मेरी पहली यादें कैलिफोर्निया के सनीवेल मंदिर में परिवार के साथ मनाए गए उत्सव की हैं। उड़ते रंग-गुलाल, आंखों में रंग चुभने का एहसास, दोस्तों पर रंग फेंकने की खुशी और कार की सीटों को काले कचरे के बैग से ढकने की कोशिशें। ऐसे पल बच्चों को भारतीय संस्कृति और समुदाय की गर्मजोशी सिखाते हैं।
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हाई स्कूल के दिनों में एक बार होली के दौरान मेरा भारतीय दोस्त मेरे घर पर था। उस दिन हमारी योजना होली मनाने की नहीं बल्कि शनिवार की क्लास में जाने की थी। जैसे ही हम रैप संगीत बजाते हुए हाईवे पर निकले, हमने देखा कि हमारे बराबर वाली कार में हमारी हमउम्र चार अमेरिकी लड़कियां स्टैनफोर्ड के होली फेस्टिवल में जा रही थीं। वह मेरे लिए हैरान करने वाला था। होली सिर्फ भारतीय समुदाय तक सीमित नहीं रह गई है।
इस साल वाशिंगटन डीसी के ड्यूपॉन्ट सर्कल में भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित होली उत्सव में शामिल होने का मौका मिला। वहां लोग हिंदी गानों पर नाच रहे थे। रंग उड़ा रहे थे। उनमें भारतीय मूल के लोगों के अलावा अमेरिकी भी थे। कार्यक्रम में कथकली डांसरों से लेकर बच्चों के डांस तक में भारतीय संस्कृति झलक रही थी।
बाद में पार्टी ड्यूपॉन्ट सर्कल से द वेन होटल के सामने होने लगी। वहा रंगों की दुकानों के सामने लंबी कतारें लगी थीं। कुछ ही देर में होटल का ड्राइववे एक रंगीन पार्टी में बदल गया। इसे देखकर होटल के रेस्तरां में बैठे लोग भी खिड़कियों से तस्वीरें लेने लगे।
इस साल मैंने ड्यूपॉन्ट में होली इटालियन मूल की अमेरिकन क्रिस्टीना, सर्बियन मूल की हैना और हैना के दिल्ली के रहने वाले फ्रेंड टीजे के साथ मनाई। चार घंटे की रंगारंग पार्टी के बाद हम बार में पहुंचे तो बारटेंडर ने हमारे रंग-बिरंगे कपड़ों को देखकर पूछा- क्या आप लोग उस होली इवेंट से आए हैं? वह क्या प्रोग्राम है? शायद अगले साल हम भी होली में जाएं।
वाशिंगटन डीसी में इस साल का होली उत्सव जीवन, स्वतंत्रता और वसंत के आगमन का एक जीवंत उत्सव साबित हुआ।
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