ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

विश्व ध्यान दिवस पर 100 से ज्यादा देशों में 33 घंटे चली मेडिटेशन वेव

यह आयोजन न्यूजीलैंड से शुरू होकर हवाई तक चला। सूर्य के साथ समय क्षेत्रों का अनुसरण करते हुए 33 सिंक्रोनाइज्ड मेडिटेशन सीजन आयोजित हुए।

विश्व ध्यान दिवस / IANS

संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित पहला विश्व ध्यान दिवस ऐतिहासिक तरीके से मनाया गया। 100 से ज्यादा देशों के लाखों लोग 33 घंटे की ग्लोबल मेडिटेशन वेव में शामिल हुए। इस कार्यक्रम का उद्घाटन ट्रांसेंडेंटल मेडिटेशन आंदोलन के अंतरराष्ट्रीय नेता डॉ. टोनी नाडर ने किया। 

डॉ. नाडर ने संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर ध्यान को शांति और कल्याण का माध्यम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह आयोजन न्यूजीलैंड से शुरू होकर हवाई तक चला। सूर्य के साथ समय क्षेत्रों का अनुसरण करते हुए 33 सिंक्रोनाइज्ड मेडिटेशन सीजन आयोजित हुए। हर जगह स्थानीय समय अनुसार सुबह 8 बजे और शाम 5 बजे ध्यान किया गया।

भारत में प्रतिभागी सुबह 8 बजकर 30 मिनट और शाम 5 बजकर 30 मिनट पर एक साथ ध्यान में शामिल हुए। कई संस्कृतियों, धर्मों और परंपराओं के लोग इस शांति की वेव का हिस्सा बने।

यह भी पढ़ें- प्रदूषण पर भारत में सरकार का कड़ा प्रहार, बिना पीयूसी नहीं मिलेगा पेट्रोल

ग्लोबल लाइवस्ट्रीम में डॉ. टोनी नाडर ने कहा कि यह ट्रांसेंडेंटल मेडिटेशन के 50 साल के प्रयासों में एक बड़ा मील का पत्थर है। उन्होंने 10 हजार ध्यान अभ्यासकर्ताओं के स्थायी समूहों की स्थापना की घोषणा की। ये समूह दुनिया भर में एक साथ अभ्यास कर रहे हैं।

वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि सामूहिक ध्यान से समाज में तनाव और संघर्ष कम होता है और सकारात्मक बदलाव आते हैं। यह कार्यक्रम जनता के लिए खुला था। स्कूल, संगठन, धार्मिक समुदाय और नागरिक समूह इसमें शामिल हुए। साथ ही 100 से ज्यादा देशों में ट्रांसेंडेंटल मेडिटेशन के राष्ट्रीय संगठनों ने स्थानीय कार्यक्रम आयोजित किए। प्रमुख शहरों, विश्वविद्यालयों और सामुदायिक स्थानों से बड़ी भागीदारी रही।

संयुक्त राष्ट्र ने ध्यान को महत्वपूर्ण मान्यता दी है। स्टाफ की स्वास्थ्य रणनीति में ध्यान को तनाव कम करने का माध्यम बताया गया है। उच्च तनाव वाले क्षेत्रों में इसकी उपयोगिता पर जोर दिया गया है।

बता दें कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में ध्यान की भूमिका को देखते हुए साल 2024 में प्रस्ताव पारित किया था। इसमें 21 दिसंबर को हर साल विश्व ध्यान दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की गई। इसका उद्देश्य दुनिया भर में ध्यान के फायदों के बारे में जागरूकता फैलाना है। ध्यान तनाव कम करता है, मन शांत करता है और समग्र स्वास्थ्य सुधारता है। साल 2024 में 21 दिसंबर को पहला विश्व ध्यान दिवस मनाया गया था।

 

Comments

Related

To continue...

Already have an account? Log in

Create your free account or log in